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27 साल बाद भारत को ग्रीको रोमन कुश्ती में मिला गोल्ड मेडल, सुनील का गोल्डन दांव, अर्जुन को कांसा

Wed, 19 Feb 2020 07:25 AM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Published by: अंशुल तलमले Updated Wed, 19 Feb 2020 07:25 AM IST
सार

5-0: से जीत हासिल की सुनील ने 87 भारवर्ग के फाइनल में 
11: अंक लगातार झटककर सेमीफाइनल में जीत हासिल की थी सुनील ने 

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Asian wrestling championship 2020: Indias Sunil Kumar wins gold medal in Greco Roman 87 kg category
सुनील कुमार कुश्ती - फोटो : ट्विटर

विस्तार

हरियाणा के पहलवान सुनील कुमार (87 भारवर्ग) ने मंगलवार को केडी जाधव स्टेडियम में शुरू हुई एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्णिम सफलता के लिए शानदार शुरुआत दिलाई है। लगातार दूसरी बार चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचे सुनील ने किर्गिस्तान के आजात सालिदिनोव को एकतरफा 5-0 से हराया। पिछली बार के रजत पदक विजेता ने इस बार पदक का रंग बदल दिया। भारत ने 27 साल बाद ग्रीको रोमन में स्वर्ण पदक हासिल किया है। इससे पहले 1993 में पप्पू यादव ने एशियाई चैंपियनशिप में गोल्ड दिलाया था। 

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वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना पहला सीनियर टूर्नामेंट खेल रहे कर्नाटक के अर्जुन (55 भारवर्ग) ने कांस्य पदक जीतने में सफलता हासिल की है। पहली बार राष्ट्रीय कैंप में शामिल किए जाने के बाद अर्जुन ने ग्रीको रोमन के 55 भारवर्ग में कोरियाई पहलवान डोंग यूक वान को 1-4 से पिछड़ने के बाद कांस्य पदक के मुकाबले में 7-4 से शिकस्त दी। वहीं 130 भारवर्ग में भारतीय पहलवान मेहर सिंह कांस्य पदक के मुकाबले में किर्गिस्तान के किमरोमा से हार गए। 

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पिछड़ने के बाद की वापसी

सुनील के लिए फाइनल में पहुंचना किसी रोमांच से कम नहीं रहा। सेमीफाइनल में सुनील एक समय कजाखस्तान के अजमत कुस्तुबायेव से 1-8 से पिछड़ रहे थे। यही वही अजमत थे जिनके खिलाफ चीन में हुई पिछली एशियाई चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में सुनील ने फतह हासिल कर फाइनल में जगह बनाई थी। मुकाबले में एक मिनट 13 सेकंड बचे थे। सुनील की हार तय मानी जा रही थी लेकिन 21 साल के पहलवान ने लगातार 11 अंक झटककर अजमत को एक बार फिर मात दे दी। इससे पहले सुनील ने शुरुआती राउंड में जापान के ताकाहिरो को हराया था।  

काश, अर्जुन कोच की आवाज सुनते

यह दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि चार साल पहले अपने पिता को खोने वाले अर्जुन फाइनल में नहीं पहुंच सके। सेमीफाइनल में उनके सामने बाद में गोल्ड जीतने वाले ईरान के पोया मोहम्मद नासिरपुर थे। इस मजबूत ईरानी पहलवान पर अर्जुन ने 7-1 की बड़ी बढ़त ले रखी थी। स्टेडियम में मौजूद हर कुश्ती प्रेमी यही सोच रहा था कि अर्जुन चैंपियनशिप के पहले ही दिन बड़ा उलटफेर करने जा रहा है। मैट के नीचे एक कोने में बैठे कोच हरगोबिंद जानते थे कि अर्जुन का यह पहला टूर्नामेंट है।

उन्होंने चिल्लाकर कहा, अब रक्षण करो, वो चिल्लाते रहे लेकिन शोर में अर्जुन को सुनाई नहीं पड़ा। वह आक्रमण करते रहे और काउंटर में 4-4 अंक देकर 7-8 से मुकाबला हार गए। कांस्य की लड़ाई में कोच ने उन्हें समझाकर भेजा था। कांसे की लड़ाई में अर्जुन 1-4 से पिछड़ रहे थे। उन्होंने आक्रमण के जरिए छह अंक झटककर 7-4 से जीत हासिल की। स्वर्ण पदक ईरान के नासिरपुर ने कजाखस्तान के पहलवान को हराकर जीता।

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