अमेरिका ने किया इनकार, भारतीय पहलवानों के लिए जगह नहीं
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अब जब रियो ओलंपिक शुरू होने में महज एक महीना ही शेष रह गया है तो पड़ोसी देश अमेरिका ने भारतीय पहलवानों को अपने यहां ट्रेनिंग के लिए ठहराने के इनकार कर दिया है।
भारतीय पहलवानों की रियो ओलंपिक से पहले की तैयारियों पर बड़ा झटका लगा है। अमेरिका ने भारतीय कुश्ती संघ को साफ कर दिया है कि कोलराडो स्प्रिंग्स स्थित उनके ओलंपिक ट्रेनिंग सेंटर में भारतीय पहलवानों को ठहराना मुमकिन नहीं है।
इस सेंटर में खुद अमेरिका की टीमों की तैयारियां चल रही हैं। अमेरिका की ओर से आए इस जवाब के बाद कुश्ती संघ और पहलवान सकते में हैं। पहले उन्हें यहां तैयारियां कराने के लिए हामी भरी गई थी।
भारतीय टीम का कोचिंग स्टाफ और लंदन ओलंपिक के पदक विजेता योगेश्वर दत्त चाहते थे कि रियो जाने से पहले उनकी तैयारियां कोलराडो स्प्रिंग्स में हों। यहीं से टीम सीधे रियो जाएगी, जिससे ब्राजील के मौसम और समय से पहलवान अभ्यस्त हो जाएंगे। लंदन ओलंपिक से पहले भी पहलवानों ने इसी ट्रेनिंग सेंटर में तैयारियां की थीं।
पहले अमेरिका ने हामी भरी थी, लेकिन सोनीपत में ही होगी तैयारी
पहले अमेरिका ने भारतीय पहलवानों के आने पर आपत्ति नहीं थी, लेकिन सोमवार को ही कुश्ती संघ को सूचना दी गई कि उनके यहां पहलवानों की ठहराने की जगह नहीं है। उनकी कई खेलों की टीमें यहीं ट्रेनिंग कर रही हैं। अगर पहलवान बाहर रुक सकते हैं तो उनकी यहां तैयारियों के बारे में सोचा जा सकता है।
दरअसल सात से नौ जुलाई को पहलवानों को स्पेन में टूर्नामेंट खेलना है। यहीं से उन्हें कोलराडो स्प्रिंग्स जाना था, लेकिन अब पहलवान यहीं आएंगे। चीफ कोच जगमिंदर का कहना है कि यह बड़ा झटका है, लेकिन पहलवानों को बाहर नहीं रुकाया जा सकता है। खाने की दिक्कत होती है। जार्जिया में भी बाहर रुकने से ऐसा ही हुआ था।
योगेश्वर का कहना है कि कोलराडो में ट्रेनिंग करना रियो की तैयारियों के लिए अच्छा रहता। अब उन्हें सोनीपत में ही तैयारियां करनी होंगी। वहां ट्रेनिंग करने से रियो की परिस्थितियों से पहलवान अच्छी तरह वाकिफ हो जाते।
हालांकि कुश्ती संघ कोशिश कर रही है कि पहलवानों को स्पेन से आने के बाद बेलारूस या रूस भेज दिया जाए, लेकिन अब तक किसी प्रस्ताव पर बात नहीं बनी है।