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Jasmine-Minakshi: मुक्केबाज जैसमीन-मीनाक्षी की नजरें 2028 ओलंपिक पर, विश्व चैंपियनशिप में लहराया था परचम
Tue, 16 Sep 2025 04:44 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 16 Sep 2025 04:44 PM IST
सार
विश्व चैंपियनशिप में 48 किग्रा वर्ग के फाइनल में स्वर्ण जीतने वाली मीनाक्षी हुड्डा की निगाहें अब नवंबर में भारत में होने वाले विश्व कप पर हैं।
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जैसमीन और मीनाक्षी
- फोटो : ANI
विस्तार
लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक में अब तीन साल से भी कम का समय बचा है और ऐसे में स्टार भारतीय मुक्केबाज जैसमीन लंबोरिया ने कहा कि हाल ही में लिवरपूल में विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उनका ध्यान अब खेलों के महाकुंभ की तैयारी पर है। जैसमीन ने 57 किग्रा वर्ग के फाइनल में पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता जूलिया सेरेमेटा को हराकर अपने करियर का पहला स्वर्ण जीता।
तीसरे प्रयास में मिली सफलता
जैसमीन ने कहा, 'यह अच्छा लगता है और स्वर्ण पदक जीतना अपने आप में बेहद खुशी की बात है। मेरे कोच ने मेरे खेल को बेहतर बनाने में मेरी बहुत मदद की है। मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं।” दो बार पदक से चूकने के बाद इस बार उन्होंने जोरदार वापसी की। उन्होंने आगे कहा, “हां, प्रशिक्षण उसके (ओलंपिक पदक) लिए होगा और मेरे कोच मेरी तकनीकी ट्रेनिंग पर उसी के अनुसार काम करेंगे।'
कोच का भरोसा- 2028 में धूम मचाएंगी
जैसमीन के कोच संदीप लंबोरिया ने भी विश्वास जताया कि उनकी शिष्या लॉस एंजिलिस ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने कहा, 'यह (प्रदर्शन) शानदार था। हमारा मुख्य लक्ष्य लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक है। वह ओलंपिक भार वर्ग में पदक जीतने वाली एकमात्र लड़की है। वह 2028 में धूम मचाएगी।'
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मीनाक्षी की नजर विश्व कप पर
विश्व चैंपियनशिप में 48 किग्रा वर्ग के फाइनल में स्वर्ण जीतने वाली मीनाक्षी हुड्डा की निगाहें अब नवंबर में भारत में होने वाले विश्व कप पर हैं। मीनाक्षी ने कहा, 'विश्व कप नवंबर में भारत में होगा और मैं वहां भी स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करना चाहती हूं। कोई भी व्यक्ति परफेक्ट नहीं होता और मुझे अपने कौशल पर काम करना होगा।' उन्होंने कहा कि यह उनकी पहली विश्व चैंपियनशिप थी और वह जीत से खुश हैं।
नूपुर और पूजा को मिला आत्मविश्वास
लिवरपूल में रजत पदक जीतने वाली नूपुर श्योराण ने कहा कि टीम के चार पदक जीतने से आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा, 'वहां हमारा अनुभव अच्छा रहा। भारत कुल मिलाकर तीसरे स्थान पर रहा। अब हम विश्व कप में और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।' कांस्य पदक विजेता पूजा रानी ने भी हवाई अड्डे पर मिले सम्मान पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, 'इतने सारे लोग हमारा स्वागत करने आए हैं। यह मेरी चौथी विश्व चैंपियनशिप थी और पहली बार पदक मिला है। मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं।'
निकहत जरीन का लक्ष्य भी ओलंपिक
शीर्ष भारतीय मुक्केबाज और दो बार की विश्व चैंपियन निकहत जरीन इस बार पदक नहीं जीत पाईं। उन्होंने कहा, 'मेरा मंत्र हमेशा कड़ी मेहनत करना रहा है। मैं क्वार्टर फाइनल में हार गई लेकिन मुझे कोई पछतावा नहीं है। मैं और मजबूत होकर वापसी करूंगी।' निकहत ने साफ कहा कि उनका अगला लक्ष्य लॉस एंजिलिस ओलंपिक है, 'मुझे खुद पर भरोसा बनाए रखना है। पेरिस तो चला गया, अब मेरा लक्ष्य लॉस एंजिलिस है।'
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तीसरे प्रयास में मिली सफलता
जैसमीन ने कहा, 'यह अच्छा लगता है और स्वर्ण पदक जीतना अपने आप में बेहद खुशी की बात है। मेरे कोच ने मेरे खेल को बेहतर बनाने में मेरी बहुत मदद की है। मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं।” दो बार पदक से चूकने के बाद इस बार उन्होंने जोरदार वापसी की। उन्होंने आगे कहा, “हां, प्रशिक्षण उसके (ओलंपिक पदक) लिए होगा और मेरे कोच मेरी तकनीकी ट्रेनिंग पर उसी के अनुसार काम करेंगे।'
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कोच का भरोसा- 2028 में धूम मचाएंगी
जैसमीन के कोच संदीप लंबोरिया ने भी विश्वास जताया कि उनकी शिष्या लॉस एंजिलिस ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने कहा, 'यह (प्रदर्शन) शानदार था। हमारा मुख्य लक्ष्य लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक है। वह ओलंपिक भार वर्ग में पदक जीतने वाली एकमात्र लड़की है। वह 2028 में धूम मचाएगी।'
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मीनाक्षी की नजर विश्व कप पर
विश्व चैंपियनशिप में 48 किग्रा वर्ग के फाइनल में स्वर्ण जीतने वाली मीनाक्षी हुड्डा की निगाहें अब नवंबर में भारत में होने वाले विश्व कप पर हैं। मीनाक्षी ने कहा, 'विश्व कप नवंबर में भारत में होगा और मैं वहां भी स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करना चाहती हूं। कोई भी व्यक्ति परफेक्ट नहीं होता और मुझे अपने कौशल पर काम करना होगा।' उन्होंने कहा कि यह उनकी पहली विश्व चैंपियनशिप थी और वह जीत से खुश हैं।
नूपुर और पूजा को मिला आत्मविश्वास
लिवरपूल में रजत पदक जीतने वाली नूपुर श्योराण ने कहा कि टीम के चार पदक जीतने से आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा, 'वहां हमारा अनुभव अच्छा रहा। भारत कुल मिलाकर तीसरे स्थान पर रहा। अब हम विश्व कप में और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।' कांस्य पदक विजेता पूजा रानी ने भी हवाई अड्डे पर मिले सम्मान पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, 'इतने सारे लोग हमारा स्वागत करने आए हैं। यह मेरी चौथी विश्व चैंपियनशिप थी और पहली बार पदक मिला है। मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं।'
निकहत जरीन का लक्ष्य भी ओलंपिक
शीर्ष भारतीय मुक्केबाज और दो बार की विश्व चैंपियन निकहत जरीन इस बार पदक नहीं जीत पाईं। उन्होंने कहा, 'मेरा मंत्र हमेशा कड़ी मेहनत करना रहा है। मैं क्वार्टर फाइनल में हार गई लेकिन मुझे कोई पछतावा नहीं है। मैं और मजबूत होकर वापसी करूंगी।' निकहत ने साफ कहा कि उनका अगला लक्ष्य लॉस एंजिलिस ओलंपिक है, 'मुझे खुद पर भरोसा बनाए रखना है। पेरिस तो चला गया, अब मेरा लक्ष्य लॉस एंजिलिस है।'