संन्यास का फैसला भावुक पल, आधिकारिक रूप से शूटिंग से विदा हुए अभिनव बिंद्रा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रियो ओलंपिक से पहले ट्वीट के जरिए जब देश के एकमात्र ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा ने अपने सन्यास की घोषणा की तो कहीं न कहीं हर किसी के मन में यही था कि यह शूटर अपने शब्दों को झुठला सकता है। पर सच्चाई यह है कि अब बिंद्रा कभी भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर शूटिंग करते नहीं दिखाई देंगे।
अभिनव ने रविवार को एनआरएआई की ओर से दिए गए विदाई समारोह में आधिकारिक रूप से घोषणा कर दी कि अब उनके लिए आगे बढने का समय आ गया है। यहीं नहीं बिंद्रा ने अपने लिए भविष्य भी चुन लिया है। उन्होंने खुलासा किया कि वह स्पोट्र्स साइंस और फिटनेस के बिजनेस में अपना भविष्य आजमां सकते हैं।
बिंद्रा ने इस दौरान ऐसे कोई संकेत नहीं दिए कि वह खेलों या फिर शूटिंग की राजनीति में अपना भविष्य तलाश सकते हैं। वह हमेशा की तरह अपनी साफगोई पर आज भी कायम रहे। उन्होंने साफ किया कि वह भले ही ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट हैं, लेकिन उन्हें नहीं लगता है कि वह अपने पीछे कोई विरासत छोड़कर जा रहे हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि उन्होंने अपने आपको को कभी भी प्रतिभाशाली शूटर नहीं माना, लेकिन उनकी प्रतिभा उनकी अथक मेहनत में छुपी रही और सफलता का असली मूल मंत्र अथक मेहनत ही है जिसे उन्होंने हमेशा अपनाकर रखा।
सन्यास का फैसला उनकी जिंदगी का एक भावुक पल
रियो ओलंपिक में शूटरों के दयनीय प्रदर्शन पर उन्हें रीव्यू कमेटी में रखा गया है साथ ही अन्य कई कमेटियों में रखा जा रहा है। बिंद्रा का इस पर कहना है कि वह कहीं भी किसी मंच पर यही कहेंगे कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए निचले स्तर पर काम करना होगा। ग्रास रूट पर जब काम किया जाएगा तभी परिणाम आने सामने होंगे।
इसमें 10 साल या फिर 20 साल का समय लग सकता है। परिणाम जल्द सामने नहीं आएंगे लेकिन आएंगे जरूर। उन्होंने एनआरएआई के कार्यक्रम में उनके अध्यक्ष रणइंदर सिंह के समक्ष भी कहा कि एनआरएआई को देश के सर्वश्रेष्ठ खेल संघ बनने में अभी भी काफी कुछ करने की जरूरत है।
बिंद्रा ने यह भी कहा कि सन्यास का फैसला उनकी जिंदगी का एक भावुक पल था। उनके लिए शूटिंग को छोडना काफी कठिन था। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि रियो में उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। इससे अच्छा वह नहीं दे सकते थे।
अभिनव को विदाई देने के लिए एनआरएआई अध्यक्ष रणइंदर सिंह और आईओसी सदस्य रंधीर सिंह समेत उनके साथी ओलंपियन शूटर मानवजीत संधू, रोंजन सोढी, संजीव राजपूत, मेराज अहमद खान, अपूर्वी चंदेला, श्वेता चौधरी, सुमा शिरूर, मनशेर सिंह, मुराद अली खान भी मौजूद रहे।