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Neeraj Chopra: नीरज बोले- ओलंपिक खिताब की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करूंगा, टोक्यो में जीतना बड़ी चुनौती थी
Fri, 01 Sep 2023 10:24 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 01 Sep 2023 10:24 PM IST
सार
ज्यूरिख में अपने प्रदर्शन को लेकर नीरज ने कहा, 'मैं इस चरण के लिए अच्छे से अभ्यास नहीं कर पाया। मैंने पहले तीन प्रयास में काफी संघर्ष किया। मेरा रन अप काफी अच्छा नहीं रहा। थ्रो कमजोर थी और पूरी गति नहीं थी।
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नीरज चोपड़ा
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने शुक्रवार को कहा कि वह अगले साल पेरिस में अपना ओलंपिक स्वर्ण पदक और 2025 में अपना विश्व चैंपियनशिप खिताब बरकरार रखने की हर संभव कोशिश करेंगे। जब चोपड़ा से पूछा गया कि क्या वह चेक गणराज्य के एथलीट जाॅन जेलेज्नी की उपलब्धि हासिल कर सकते हैं जिनके नाम तीन ओलंपिक और तीन विश्व चैंपियनशिप खिताब हैं। इस पर चोपड़ा ने कहा, ‘मैं प्रेरित बना रहता हूं और खेल पर फोकस बनाए रखता हूं तो कुछ भी हो सकता है। मुझे अपने खिताब की रक्षा के लिए जितनी मेहनत करनी होगी, मैं करूंगा।’ जेलेज्नी भालाफेंक एथलीट नीरज के आदर्श भी हैं। जेलेज्नी ने 1992, 1996 और 2000 में ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता था। वहीं, 1993, 1995 और 2001 में विश्व चैंपियनशिप खिताब अपने किए थे।
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'खुद को चोट से बचाने की करूंगा कोशिश'
25 सल के नीरज ने कहा, ‘तोक्यो में पहला ओलंपिक खिताब जीतना बड़ी चुनौती थी और अब इसका बचाव करना इससे भी बड़ी चुनौती होगी। हर एथलीट अपनी पूरी तैयारी के साथ आएगा और कोई कसर नहीं छोड़ेगा। मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज खुद को चोट से बचाने की होगी। मुझे स्वस्थ और चोटों से मुक्त रहना होगा ताकि मैं अपने सभी खिताब की रक्षा कर सकूं।’
25 सल के नीरज ने कहा, ‘तोक्यो में पहला ओलंपिक खिताब जीतना बड़ी चुनौती थी और अब इसका बचाव करना इससे भी बड़ी चुनौती होगी। हर एथलीट अपनी पूरी तैयारी के साथ आएगा और कोई कसर नहीं छोड़ेगा। मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज खुद को चोट से बचाने की होगी। मुझे स्वस्थ और चोटों से मुक्त रहना होगा ताकि मैं अपने सभी खिताब की रक्षा कर सकूं।’
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नीरज चोपड़ा
- फोटो : सोशल मीडिया
'खांसी और गले में थी तकलीफ'
चोपड़ा को विश्व चैंपियनशिप से पहले खांसी और गले में तकलीफ थी। उन्होंने कहा, ‘मैं पहले यह बताना नहीं चाहता था क्योंकि लोग इसे बहाना समझ सकते थे, लेकिन क्वालिफिकेशन दौर से पहले मुझे खांसी और गले में दर्द था। मुझे परेशानी हो रही थी। ज्यूरिख में भी मुझे समस्या हो रही है। मैं ठीक हो जाऊंगा, एक एथलीट का जीवन ऐसा ही होता है।’
चोपड़ा को विश्व चैंपियनशिप से पहले खांसी और गले में तकलीफ थी। उन्होंने कहा, ‘मैं पहले यह बताना नहीं चाहता था क्योंकि लोग इसे बहाना समझ सकते थे, लेकिन क्वालिफिकेशन दौर से पहले मुझे खांसी और गले में दर्द था। मुझे परेशानी हो रही थी। ज्यूरिख में भी मुझे समस्या हो रही है। मैं ठीक हो जाऊंगा, एक एथलीट का जीवन ऐसा ही होता है।’
'तीसरे प्रयास के बाद लगा, शीर्ष-8 में भी नहीं रह पाऊंगा'
ज्यूरिख में अपने प्रदर्शन को लेकर नीरज ने कहा, 'मैं इस चरण के लिए अच्छे से अभ्यास नहीं कर पाया। मैंने पहले तीन प्रयास में काफी संघर्ष किया। मेरा रन अप काफी अच्छा नहीं रहा। थ्रो कमजोर थी और पूरी गति नहीं थी। मुझमें आत्मविश्वास की कमी थी। मैं यहां तक सोच रहा था कि तीसरे प्रयास के बाद शायद मैं शीर्ष-आठ में भी नहीं रह पाऊंगा। अंतिम तीन थ्रो में मैंने काफी जोर लगाया, लेकिन 100 प्रतिशत नहीं दे पाया। मैं डायमंड लीग के फाइनल और एशियाई खेलों में अपना 100 प्रतिशत दूंगा।'
ज्यूरिख में अपने प्रदर्शन को लेकर नीरज ने कहा, 'मैं इस चरण के लिए अच्छे से अभ्यास नहीं कर पाया। मैंने पहले तीन प्रयास में काफी संघर्ष किया। मेरा रन अप काफी अच्छा नहीं रहा। थ्रो कमजोर थी और पूरी गति नहीं थी। मुझमें आत्मविश्वास की कमी थी। मैं यहां तक सोच रहा था कि तीसरे प्रयास के बाद शायद मैं शीर्ष-आठ में भी नहीं रह पाऊंगा। अंतिम तीन थ्रो में मैंने काफी जोर लगाया, लेकिन 100 प्रतिशत नहीं दे पाया। मैं डायमंड लीग के फाइनल और एशियाई खेलों में अपना 100 प्रतिशत दूंगा।'
'मैंने अरशद को फोटो के लिए बुलाया'
हाल ही में विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतने के बाद नीरज तिरंगे को लेकर फोटो खिंचवा रहे थे तब उसी दौरान रजत पदक जीतने वाले पाकिस्तान के अरशद नदीम को अपने देश का झंडा नहीं मिला रहा था, लेकिन तभी नीरज ने उन्हें फोटो के लिए बुला लिया। नीरज ने कहा, 'यह आपको स्वीकार करना होगा कि अरशद ने विश्व चैंपियनशिप में रजत जीतकर पाकिस्तान के लिए बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। मुझे उस समय अच्छा नहीं लग रहा था कि उसके पास पाकिस्तान का झंडा नहीं था। उसे भी खराब लग रहा था। लेकिन बाद में उसे झंडा मिल गया। हर एथलीट कड़ी मेहनत करता है। घर पर लोग कहते हैं कि यह भारत-पाकिस्तान है, लेकिन जो भी अच्छा प्रदर्शन करता है और पदक जीतता है, उसकी सराहना की जानी चाहिए।'
हाल ही में विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतने के बाद नीरज तिरंगे को लेकर फोटो खिंचवा रहे थे तब उसी दौरान रजत पदक जीतने वाले पाकिस्तान के अरशद नदीम को अपने देश का झंडा नहीं मिला रहा था, लेकिन तभी नीरज ने उन्हें फोटो के लिए बुला लिया। नीरज ने कहा, 'यह आपको स्वीकार करना होगा कि अरशद ने विश्व चैंपियनशिप में रजत जीतकर पाकिस्तान के लिए बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। मुझे उस समय अच्छा नहीं लग रहा था कि उसके पास पाकिस्तान का झंडा नहीं था। उसे भी खराब लग रहा था। लेकिन बाद में उसे झंडा मिल गया। हर एथलीट कड़ी मेहनत करता है। घर पर लोग कहते हैं कि यह भारत-पाकिस्तान है, लेकिन जो भी अच्छा प्रदर्शन करता है और पदक जीतता है, उसकी सराहना की जानी चाहिए।'