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Doping: ओलंपियन शिवपाल सिंह पर लगा 10 साल का प्रतिबंध, दूसरी बार डोपिंग में फंसे भाला फेंक खिलाड़ी
Fri, 21 Aug 2026 05:29 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Fri, 21 Aug 2026 05:29 PM IST
सार
टोक्यो ओलंपियन भाला फेंक खिलाड़ी शिवपाल सिंह पर दूसरी बार डोपिंग उल्लंघन का दोषी पाए जाने के बाद 10 साल का प्रतिबंध लगा है। 31 वर्षीय शिवपाल के सैंपल में प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड मेथेंडायनोन पाया गया, जिससे उनका प्रतिस्पर्धी करियर लगभग खत्म होने की कगार पर है।
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डोपिंग
- फोटो : अमर उजाला/AI
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विस्तार
भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी और टोक्यो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके शिवपाल सिंह पर दूसरी बार डोपिंग उल्लंघन का दोषी पाए जाने के बाद 10 साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है। नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (नाडा) की अनुशासनात्मक समिति ने प्रतिबंध लगाया है। इस फैसले के बाद 31 वर्षीय एथलीट का प्रतिस्पर्धी करियर लगभग खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है।
मेथेंडायनोन के सेवन का आरोप
ओलंपिक्स डॉट कॉम के अनुसार, शिवपाल सिंह के सैंपल में मेथेंडायनोन पाया गया, जो प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड की श्रेणी में आता है। यह शिवपाल का दूसरा डोपिंग उल्लंघन है। इससे पहले साल 2021 में आउट-ऑफ-कॉम्पिटिशन टेस्ट के दौरान भी शिवपाल का सैंपल प्रतिबंधित स्टेरॉयड के लिए पॉजिटिव पाया गया था। नाडा की अनुशासनात्मक समिति ने अगस्त 2022 में उन पर चार साल का प्रतिबंध लगाया था। यह प्रतिबंध 2021 से प्रभावी माना गया था।
दूषित सप्लीमेंट का दिया था हवाला
शिवपाल ने इस फैसले के खिलाफ अपील की थी। उन्होंने दलील दी थी कि उनके शरीर में प्रतिबंधित पदार्थ दूषित सप्लीमेंट के कारण पहुंचा था। जनवरी 2023 में नाडा की अपील समिति ने उनकी दलील को स्वीकार करते हुए प्रतिबंध की अवधि घटाकर एक साल कर दी थी। इसके बाद शिवपाल ने अप्रैल 2023 में प्रतिस्पर्धी एथलेटिक्स में वापसी की। उन्होंने जून 2023 में भुवनेश्वर में आयोजित नेशनल इंटर-स्टेट चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। इसके बाद उन्होंने गोवा में आयोजित नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
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2019 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीता था सिल्वर
शिवपाल सिंह के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक 2019 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप रही, जहां उन्होंने 86.23 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता था। उन्होंने टोक्यो 2020 ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था। शिवपाल का आखिरी प्रतिस्पर्धी मुकाबला मार्च 2025 में आयोजित इंडियन ओपन थ्रो कॉम्पिटिशन में हुआ था, जहां उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया था।
10 साल का प्रतिबंध करियर के लिए बड़ा झटका
दूसरी बार डोपिंग उल्लंघन में दोषी पाए जाने और 10 साल के प्रतिबंध के बाद शिवपाल सिंह के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी की राह बेहद मुश्किल हो गई है। 31 वर्ष की उम्र में इतनी लंबी अवधि का प्रतिबंध उनके प्रतिस्पर्धी करियर के लगभग अंत का संकेत माना जा रहा है।
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मेथेंडायनोन के सेवन का आरोप
ओलंपिक्स डॉट कॉम के अनुसार, शिवपाल सिंह के सैंपल में मेथेंडायनोन पाया गया, जो प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड की श्रेणी में आता है। यह शिवपाल का दूसरा डोपिंग उल्लंघन है। इससे पहले साल 2021 में आउट-ऑफ-कॉम्पिटिशन टेस्ट के दौरान भी शिवपाल का सैंपल प्रतिबंधित स्टेरॉयड के लिए पॉजिटिव पाया गया था। नाडा की अनुशासनात्मक समिति ने अगस्त 2022 में उन पर चार साल का प्रतिबंध लगाया था। यह प्रतिबंध 2021 से प्रभावी माना गया था।
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दूषित सप्लीमेंट का दिया था हवाला
शिवपाल ने इस फैसले के खिलाफ अपील की थी। उन्होंने दलील दी थी कि उनके शरीर में प्रतिबंधित पदार्थ दूषित सप्लीमेंट के कारण पहुंचा था। जनवरी 2023 में नाडा की अपील समिति ने उनकी दलील को स्वीकार करते हुए प्रतिबंध की अवधि घटाकर एक साल कर दी थी। इसके बाद शिवपाल ने अप्रैल 2023 में प्रतिस्पर्धी एथलेटिक्स में वापसी की। उन्होंने जून 2023 में भुवनेश्वर में आयोजित नेशनल इंटर-स्टेट चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। इसके बाद उन्होंने गोवा में आयोजित नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
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2019 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीता था सिल्वर
शिवपाल सिंह के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक 2019 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप रही, जहां उन्होंने 86.23 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता था। उन्होंने टोक्यो 2020 ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था। शिवपाल का आखिरी प्रतिस्पर्धी मुकाबला मार्च 2025 में आयोजित इंडियन ओपन थ्रो कॉम्पिटिशन में हुआ था, जहां उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया था।
10 साल का प्रतिबंध करियर के लिए बड़ा झटका
दूसरी बार डोपिंग उल्लंघन में दोषी पाए जाने और 10 साल के प्रतिबंध के बाद शिवपाल सिंह के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी की राह बेहद मुश्किल हो गई है। 31 वर्ष की उम्र में इतनी लंबी अवधि का प्रतिबंध उनके प्रतिस्पर्धी करियर के लगभग अंत का संकेत माना जा रहा है।