{"_id":"66988cdb4ec502a4c802ab49","slug":"ioa-president-pt-usha-said-we-are-trying-to-provide-best-facilities-to-the-indian-team-yet-getting-criticized-2024-07-18","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Paris Olympics: 'सुविधा देने का प्रयास कर रहे हैं...', आलोचना होने पर छलका आईओए अध्यक्ष पीटी उषा का दर्द","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
Paris Olympics: 'सुविधा देने का प्रयास कर रहे हैं...', आलोचना होने पर छलका आईओए अध्यक्ष पीटी उषा का दर्द
Thu, 18 Jul 2024 09:03 AM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Thu, 18 Jul 2024 09:03 AM IST
सार
खेल मंत्रालय ने 26 जुलाई से शुरू होने वाले पेरिस ओलंपिक खेलों के लिए 117 खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के 140 सदस्यों को मंजूरी दी है। इनमें निजी कोच, मानसिक ट्रेनर और फिजियोथैरेपिस्ट भी शामिल हैं।
विज्ञापन
पीटी उषा
- फोटो : twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पेरिस ओलंपिक का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और 26 जुलाई से भारतीय एथलीट पदक के लिए चुनौती पेश करने उतरेंगे। इस बीच, ओलंपिक में हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों को उनकी पसंद का सहयोगी स्टाफ मुहैया कराने के लिए पूरी कोशिश की गई और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने कहा कि इसके लिए खेल मंत्रालय, आईओए और राष्ट्रीय महासंघों ने अच्छा काम किया है। हालांकि, पीटी उषा ने शानदार तालमेल पर गौर करने के लिए आलोचना करने वालों को लताड़ भी लगाई।
विज्ञापन
खेल मंत्रालय ने 26 जुलाई से शुरू होने वाले पेरिस ओलंपिक खेलों के लिए 117 खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के 140 सदस्यों को मंजूरी दी है। इनमें निजी कोच, मानसिक ट्रेनर और फिजियोथैरेपिस्ट भी शामिल हैं। आईओए विशेष रूप से प्रसिद्ध खेल चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. दिनशॉ पारदीवाला के नेतृत्व में गठित 13 सदस्यीय खेल विज्ञान टीम भी दल के साथ भेज रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
आलोचकों पर भड़कीं पीटी उषा
उषा ने कहा, आईओए में हम एक ऐसे युग में प्रवेश कर चुके हैं, जहां खिलाड़ी हमारी योजना और तैयारियों के केंद्र में हैं। खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के सदस्यों के बीच सामान्य 3:1 अनुपात के बजाय हमने इसे 1:1 अनुपात से थोड़ा बेहतर करने के लिए कड़ी मेहनत की है। खिलाड़ियों की हर मांग पूरी करने के प्रयासों के बावजूद कुछ रिपोर्टों में काम की नकारात्मक तस्वीर पेश करना निराशाजनक है। खेल मंत्रालय और इसकी इकाइयों, राष्ट्रीय खेल महासंघों और कॉर्पोरेट भागीदारों के साथ मिलकर आईओए ने शानदार टीमवर्क से काम किया है। यह देखकर हैरानी होती है कि कुछ लोगों ने इस तरह के तालमेल को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है।
उषा ने कहा, आईओए में हम एक ऐसे युग में प्रवेश कर चुके हैं, जहां खिलाड़ी हमारी योजना और तैयारियों के केंद्र में हैं। खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के सदस्यों के बीच सामान्य 3:1 अनुपात के बजाय हमने इसे 1:1 अनुपात से थोड़ा बेहतर करने के लिए कड़ी मेहनत की है। खिलाड़ियों की हर मांग पूरी करने के प्रयासों के बावजूद कुछ रिपोर्टों में काम की नकारात्मक तस्वीर पेश करना निराशाजनक है। खेल मंत्रालय और इसकी इकाइयों, राष्ट्रीय खेल महासंघों और कॉर्पोरेट भागीदारों के साथ मिलकर आईओए ने शानदार टीमवर्क से काम किया है। यह देखकर हैरानी होती है कि कुछ लोगों ने इस तरह के तालमेल को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है।
सहायक स्टाफ के वीजा का इंतजार कर रही हैं अंतिम
ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाले छह पहलवानों में से एक अंतिम पंघाल कथित तौर पर अपने चार सदस्यीय सहायक स्टाफ के लिए वीजा का इंतजार कर रही हैं, जिससे उनके अभ्यास में बाधा पड़ रही है। उषा ने कहा कि वह सुनिश्चित करेंगी कि खिलाड़ियों के गैर मान्यता प्राप्त सहयोगी स्टाफ के लिए वीजा में और देरी न हो और वह भारत में फ्रांस के दूतावास के साथ अंतिम के कोच भगत सिंह, फिजियोथेरेपिस्ट हीरा और स्पारिंग पार्टनर विकास का मुद्दा उठाएंगी। उषा ने इसके लिए अब भंग कर दी गई तदर्थ समिति को जिम्मेदार ठहराया।
ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाले छह पहलवानों में से एक अंतिम पंघाल कथित तौर पर अपने चार सदस्यीय सहायक स्टाफ के लिए वीजा का इंतजार कर रही हैं, जिससे उनके अभ्यास में बाधा पड़ रही है। उषा ने कहा कि वह सुनिश्चित करेंगी कि खिलाड़ियों के गैर मान्यता प्राप्त सहयोगी स्टाफ के लिए वीजा में और देरी न हो और वह भारत में फ्रांस के दूतावास के साथ अंतिम के कोच भगत सिंह, फिजियोथेरेपिस्ट हीरा और स्पारिंग पार्टनर विकास का मुद्दा उठाएंगी। उषा ने इसके लिए अब भंग कर दी गई तदर्थ समिति को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा, कुश्ती का संचालन करने वाली (आईओए द्वारा नियुक्त) तदर्थ समिति ने ओलंपिक खेल आयोजन समिति को भेजे गए नामों की लंबी सूची में अंतिम के कोच या फिजियोथेरेपिस्ट का नाम शामिल नहीं करने का फैसला किया। यह अजीबोगरीब है कि खिलाड़ियों, कोच और सहयोगी स्टाफ की लंबी सूची को मंजूरी देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों ने भगत सिंह या हीरा या विकास को शामिल करने की सिफारिश करना उचित नहीं समझा।