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आईओसी की मानी शर्तें, भारत की ओलंपिक में वापसी
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 15 May 2013 05:24 PM IST
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भारत की बुधवार को ओलंपिक खेलों में वापसी हो गई है। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) की शर्तों को मान लिया है।
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आईओए और आईओसी के बीच लुसाने (स्विट्जरलैंड) में अहम बैठक में भारतीय ओलंपिक संघ ने ताजा चुनाव कराने पर राजी हो गया।
आईओसी ने गत दिसंबर में आईओए के चुनावों में सरकारी हस्तक्षेप के चलते उसे अवैध करार देकर आईओए को निलंबित कर दिया था।
आईओए के निंलबन के 5 महीने के बाद इस बैठक में आईओए ने आईओसी की शर्तों को मान लिया।
इस बैठक में केंद्रीय खेल मंत्री जितेंद्र सिंह, खेल सचिव पीके देव, बीजिंग ओलंपिक के स्वर्ण विजेता निशानेबाज अभिनव बिंद्रा और ओलंपियन नाविक मालव श्राफ ने भाग लिया।
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बैठक में आईओए के आईओसी की शर्तें मान लेने के बाद दिसंबर में हुए चुनाव अवैध करार हो गए हैं। दिसंबर में चुनावों के बाद आईओसी और आईओए के बीच लगातार पत्राचार का दौर चलता रहा और लंबे अंतराल के बाद जाकर दोनों के बीच पहली बार बैठक का आयोजन किया गया।
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हालांकि आईओए के कार्यवाहक अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा और आईओसी में भारत के सदस्य रणधीर सिंह ने इस बैठक का यह कहते हुए बहिष्कार किया था कि आईओसी ने पहले सरकारी हस्तक्षेप का हवाला दिया था और फिर खुद सरकार से सीधे बातचीत की। साथ ही आईओसी ने निलंबित आईओए के चुने हुए पदाधिकारियों से भी संपर्क साधा।
आईओसी के हाकी इंडिया के महासचिव नरिंदर बत्रा और झारखंड ओलंपिक संघ के आर के आनंद को इस बैठक के लिए आईओए के प्रतिनिधिमंडल में शामिल किए जाने से नाराज मल्होत्रा और रणधीर ने हाल ही में बयान जारी कर कहा था कि वे इस बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे।
आईओसी को दिसंबर में हुए चुनावों में राष्ट्रमंडल खेल घोटालों के दागी ललित भनोट के महासचिव के रूप में चुने जाने पर भी खासी आपत्ति थी। आईओसी ने तब यह भी कहा था कि सरकार राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के मामलों में हस्तक्षेप कर रही है। आईओए को निलंबित करने के बाद आईओसी ने सिर्फ मल्होत्रा और रणधीर को अपनी मान्यता दे रखी थी।
लेकिन दिलचस्प बात यह रही कि इस बैठक में मल्होत्रा और रणधीर ही शामिल नहीं हुए जबकि खेल मंत्री जितेंद्र सिंह खुद मौजूद रहे। इन तमाम विवादों के बावजूद भारत के लिए यह बड़ राहत की बात है कि वह ओलंपिक में फिर से लौट आया है। लेकिन आईओए के सामने ताजा चुनाव भी किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होंगे।
इससे पूर्व एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) ने आईओए के कार्यवाहक अध्यक्ष वीके मल्होत्रा और महासचिव रणधीर सिंह को समर्थन करते हुए आईओसी से अनुरोध किया था कि बुधवार को होने वाली अहम बैठक में वह निलंबित आईओए के प्रतिनिधियों से नहीं मिले।
मल्होत्रा और रणधीर ने बैठक का बहिष्कार करने का फैसला किया, जब आईओसी ने आईओए दल में हॉकी इंडिया के महासचिव नरिंदर बत्रा और झारखंड ओलंपिक संघ के आरके आनंद को शामिल करने पर मंजूरी दे दी। ओसीए ने अब मल्होत्रा और रणधीर का समर्थन किया है।