विश्व कप से पहले रानी रामपाल ने भरी हुंकार, बोलीं 'हमारी छोरियां किसी से कम हैं के'
अनुभवी और तेज-तर्रार स्ट्राइकर कप्तान रानी रामपाल की अगुवाई में स्पेन के कामयाब दौरे से लौटने के बाद मंगलवार से भारत की महिला हॉकी की खिलाड़ी टीम बेंगलुरू में अगले महीने होने वाले विश्व कप की तैयारी के लिए सीनियर राष्ट्रीय शिविर में जुट जाएंगी। 18 दिन के सीनियर राष्ट्रीय महिला हॉकी शिविर के लिए सभी 48 लड़कियां सोमवार को बेंगलुरू पहुंच गईं।
महिला हॉकी टीम के विश्व कप के लिए मंगलवार से शुरू हो रहे इस शिविर से पहले भारत की कप्तान रानी रामपाल ने सोमवार को 'अमर उजाला' से कहा, 'हमारी टीम के लिए स्पेन दौरा खासा कामयाब रहा। 21 जुलाई से लंदन में शुरू हो रहे महिला हॉकी विश्व कप में हमारे पूल में भले ही मेजबान इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम है लेकिन हमारी भारतीय महिला टीम भी खासी बढ़िया है। हमारा फोकस किसी अन्य टीम की बजाय खुद हर मैच में बेहतर खेल पर रहेगा। हमारी टीम की लड़कियों को खुद पर भरोसा कायम रख अपनी रणनीति पर मेहनत करने की जरूरत है।'
'मैच के दिन जो भी टीम बेहतर खेलेगी वही जीतेगी। हमारी महिला टीम काफी समय से बेहतर प्रदर्शन कर रही है। हमारी भारतीय महिला टीम की सभी खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप होगा। टीम की हर खिलाड़ी इस विश्व कप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने को बेताब हैं। हम इसमें टीम के रूप में बढ़िया प्रदर्शन करेंगे। हम इस महिला विश्व कप में आक्रमण और रक्षण में 'स्ट्रक्चर' कायम रखबेहतर खेल दिखाने की जरूरत है। हमारी लड़कियों को हर मैच में निरंतर बेहतर खेल दिखाना होगा और तभी हम इसमें कामयाब हो सकेंगे।'
वह बताती हैं, 'महिला विश्व कप से पहले बेंगलुरू शिविर में 'डी' के भीतर अपनी निशानेबाजी बेहतर करने के साथ नियोजित हमलों पर ध्यान लगाएंगे। हम डी के भीतर और अचूक निशाने लगा कर गोल करने पर शिविर में पूरी तवज्जो देंगे। रही बात पेनल्टी कॉर्नर की तो हमारे पास इनका अच्छा इस्तेमाल कर गोल करने में माहिर गुरजीत कौर जैसी बढ़िया ड्रैग फ्लिकर हैं।'
'हम महिला विश्व कप में ज्यादा से ज्यादा पेनल्टी कॉर्नर हासिल करने की कोशिश करेंगे जिससे कि गुरजीत को अपना कौशल दिखाकर इन पर गोल करने के ज्यादा से ज्यादा मौके मिल सकें। यदि जरूरत हुई तो हम पेनल्टी कॉर्नर पर इनडायरेक्ट भी गोल करने की कोशिश करेंगे। हमारा मकसद है पेनल्टी कॉर्नर का हर लिहाज से बेहतर इस्तेमाल कर गोल करना। टीम की बेहतरी के लिए जो भी मुमकिन होगा हमारी टीम की लड़कियां महिला विश्व कप में करेंगी।'
'हमारी टीम की लड़कियों ने स्पेन दौरे सही समय पर अपने खेल के स्तर को उंचा उठाया है। लड़कियों को हम जिस तरह से खिलाना चाहते हैं वे खुद को उसी के मुताबिक ढाल रही हैं। स्पेन में उसके खिलाफ खेलने पर हमें यह मालूम पड़ा कि हमें रणनीतिक रूप से मजबूत टीमों के खिलाफ उत्कृष्ट खेल दिखाने की जरूरत है। हमें महिला विश्व कप में पहला मैच मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ खेलना है और इसके लिए हमें अपनी फिटनेस और रफ्तार पर मेहनत की जरूरत है। बेंगलुरू शिविर में अपनी फिटनेस बेहतर करने का मौका रहेगा।'