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फीफा में मेजबान रूस के सामने सऊदी अरब की चुनौती, ओपनिंग मैच में इन सितारों पर रहेंगी निगाहें
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 14 Jun 2018 11:57 AM IST
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russia vs saudi arab
मेजबान रूस और सऊदी अरब के बीच बृहस्पतिवार को मुकाबले के साथ ही करीब एक माह तक चलने वाला फुटबॉल महाकुंभ शुरू हो जाएगा। विश्व कप इतिहास में यह शायद पहला मौका है जब दुनिया की दो कमजोर टीमों के बीच उद्घाटन मुकाबला खेला जाएगा। रूस जहां विश्व रैंकिग में 70वें स्थान पर है वहीं सऊदी अरब 67वें नंबर पर है। दोनों टीमों के अगले चरण में पहुंचने की संभावनाएं कम ही हैं।
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ग्रुप ए की अन्य दो टीमें मिस्र और दो बार की चैंपियन उरुग्वे हैं। रूस पिछले सात मैचों से कोई मुकाबला नहीं जीता है। उसे दोनों अभ्यास मैचों में भी ब्राजील और फ्रांस से हार मिली है। वहीं सऊदी अरब ने मैत्री मैच में जर्मनी को 2-1 से हराया था इससे उसका मनोबल काफी बढ़ा है।
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रूस ने दोस्ताना मैच खेल कर की तैयारी
मेजबान रूस की दिक्कत यह रही कि उसे प्रतियोगात्मक मैच खेलने को नहीं मिले। उसने दोस्ताना मैच खेलकर ही अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया है। कोकरिन की गैरमौजूदगी को एलेक्सी मीरानचुक को लाकर भरा गया है। उन्होंने स्पेन और फ्रांस पर जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। कोच चेरचोसोव ने टीम को एकजुट करने और उत्साह बढ़ाने का पूरा प्रयास किया है। पर टीम में बेरेजुत्सकी बंधुओं से खाली हुई जगह को पूरी तरह से भरा नहीं जा सका है। उसे मेजबान होने के नाते खेलने का अधिकार मिला है।
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saudi arab football team
क्वालिफाई करके आया है सऊदी अरब
वहीं सरुदी अरब ने क्वालिफाई के जरिए जगह बनाई है। उसने जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया है। पर उसकी तैयारी अच्छी नहीं रही। क्वालिफाई करवाने में अहम भूमिका निभाने वाले कोच बार्ट वान विज्क को फेडरेशन ने हटा दिया। पिछले पांच माह से टीम के साथ जुड़े कोच जुआन एंटोनियो पीज्जी की सबसे बड़ी दिक्कत टीम को अंतरराष्ट्रीय अुनभव नहीं दिला पाना है। यह कमी अखरने वाले परिणाम दे सकती है।
इन पर रहेगी निगाह
(सऊदी अरब)
मोहम्मद अल साहलावी: तीस वर्षीय यह स्ट्राइकर मैनचेस्टर यूनाइटेड से तीन हफ्ते का प्रशिक्षण ले चुका है। इससे उनके खेल कौशल में जबरदस्त सुधार आया है। उन्होंने क्वालिफाइंग टूर्नामेंट में 16 गोल दागकर टीम को मुख्य ड्रॉ में पहुंचने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने 40 मैचों में 28 गोल किए हैं।
फेडोर समोलोव: फेडोर के बारे में कहा जाता है कि अगर उनका जादू चल गया तो रूस नाकऑउट में जगह बना सकता है। 28 वर्षी यह फॉरवर्ड अपनी टीम की सबसे बड़ी उम्मीद हैं। वह रूसी लीग में क्रासनोडोर क्लब के लिए खेलते हैं। उन्होंने 31 मैचों में 12 गोल किए हैं।
वहीं सरुदी अरब ने क्वालिफाई के जरिए जगह बनाई है। उसने जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया है। पर उसकी तैयारी अच्छी नहीं रही। क्वालिफाई करवाने में अहम भूमिका निभाने वाले कोच बार्ट वान विज्क को फेडरेशन ने हटा दिया। पिछले पांच माह से टीम के साथ जुड़े कोच जुआन एंटोनियो पीज्जी की सबसे बड़ी दिक्कत टीम को अंतरराष्ट्रीय अुनभव नहीं दिला पाना है। यह कमी अखरने वाले परिणाम दे सकती है।
इन पर रहेगी निगाह
(सऊदी अरब)
मोहम्मद अल साहलावी: तीस वर्षीय यह स्ट्राइकर मैनचेस्टर यूनाइटेड से तीन हफ्ते का प्रशिक्षण ले चुका है। इससे उनके खेल कौशल में जबरदस्त सुधार आया है। उन्होंने क्वालिफाइंग टूर्नामेंट में 16 गोल दागकर टीम को मुख्य ड्रॉ में पहुंचने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने 40 मैचों में 28 गोल किए हैं।
फेडोर समोलोव: फेडोर के बारे में कहा जाता है कि अगर उनका जादू चल गया तो रूस नाकऑउट में जगह बना सकता है। 28 वर्षी यह फॉरवर्ड अपनी टीम की सबसे बड़ी उम्मीद हैं। वह रूसी लीग में क्रासनोडोर क्लब के लिए खेलते हैं। उन्होंने 31 मैचों में 12 गोल किए हैं।