FIFA WC 2018: इतिहास रचने को आज आमने-सामने होंगे मेजबान रूस और क्रोएशिया
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क्रोएशिया ने स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में 1998 में विश्व कप में पदार्पण किया था। उसके बीस साल बाद उसके पास सेमीफाइनल में पहुंचकर इतिहास दोहराने का मौका है। क्वार्टर फाइनल में उसका सामना शनिवार को मेजबान रूस के साथ है। जलाटको डेलिक की टीम ने ग्रुप दौर में माराडोना की अर्जेंटीना को हराकर यह दिखा दिया कि वह बड़े नामों या टीमों को दबाव में आने वाला दल नहीं है।
अंतिम-16 में क्रोएशिया ने डेनमार्क को पेनाल्टी शूटआउट में हराया था। उसके बाद टीम का मनोबल काफी ऊंचा है। जिस भी टीम के पास लुका मोदरिक के स्तर का खिलाड़ी हो और साथ में इवान रेकिटिक और मोरिया मैंदजुकिक हो वह टीम सपने देख सकती है। रियल मैड्रिड के मोदरिक टूर्नामेंट के श्रेष्ठ मिडफील्डरों में से हैं। डेलिक की टीम में 16 खिलाड़ी यूरोप की पांच बड़ी लीगों में खेलते हैं। मोनाको के लिए खेलने वाले गोलकीपर डेंजिल सुबासिक ने डेनमार्क के खिलाफ तीन पेनाल्टी बचाई थीं।
एंटे रेबिक ने जर्मन कप फाइनल में ऐंटेचड फ्रेंकफर्ट के लिए बेयरन म्यूरिख के खिलाफ दो गोल किए थे। कोच डेलिक ही 24 वर्षीय विंगर को टीम में लाए हैं। पिछले साल कोच बने डेलिक के कार्यकाल में टीम ने विश्व कप के लिए क्वालिफाई किया। मैदान से बाहर की घटनाओं से बाधाओं के बावजूद टीम आगे बढ़ी है। एसी मिलान के स्ट्राइकर निकोला कैलिनिक को नाइजीरिया के खिलाफ मैच के बैंच पर आने से कथित रूप से इनकार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
-03: बार भिड़ चुकी हैं दोनों टीमें जिनमें दो मुकाबले गोलरहित रहे थे जबकि 2015 में क्रोएशिया 3-1 से जीती थी।
-02: बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचा है क्रोएशिया।
मेजबान से हारता रहा है क्रोएशिया
टीम के पास 1998 के कुछ शानदार यादें है जब पिछली बार वह क्वार्टर फाइनल में पहुंचे थे तो जर्मनी को 3-0 से हराया था। तब टीम सेमीफाइनल में मेजबान फ्रांस से हार गई थी। चार साल पहले अन्य मेजबान ब्राजील के खिलाफ भी क्रोएशिया को हार का सामना करना पड़ा था। एक बार फिर उसके सामने मेजबान टीम की चुनौती है। क्रोएशिया की आबादी महज 43 लाख है और उसके सामने 14 करोड़ की आबादी का वो रूस है जो क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा देश है। छोटा देश होने के बावजूद क्रोएशिया का खुद पर भरोसा कम नहीं है।
हमने इस विश्व कप में दिखाया है कि हमें बड़ी उम्मीदें पालने का हक है। हम वाकई अच्छा खेल रहे हैं। हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो टीम को फाइनल तक ले जाने की कूवत रखते हैं।- डोमागोई विडा, डिफेंडर क्रोएशिया
छुपारुस्तम साबित हुआ है रूस
अपनी ही धरती पर हो रहे विश्व कप में मेजबान रूस सबसे कम रैंकिंग की टीम है। न तो घर में और न बाहर ही फुटबॉल प्रेमियों को रूस से बड़ी उम्मीदें थी लेकिन ग्रुप दौर क्लियर किया और फिर 2010 के चैंपियन स्पेन को शूटआउट में अपना शिकार बना लिया। अब फाइनल में प्रवेश से केवल दो जीत दूर है। सोवियत संघ के विघटन के बाद यह रूस का श्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले रूस कभी ग्रुप दौर से आगे नहीं बढ़ा। 1966 में पिछली बार जब सेमीफाइनल में पहुंचा था तब सोवियत संघ की टीम थी।