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FIFA U-17: फुटबॉल के ये नन्हें सितारे तंगहाली में भी निखरकर बिखेरेंगे जलवे

Tue, 03 Oct 2017 07:19 PM IST
amarujala.com- Presented by: मुकेश झा
amarujala.com- Presented by: मुकेश झा Updated Tue, 03 Oct 2017 07:19 PM IST
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FIFA U-17 World Cup: this players life are full of conflicts
फीफा अंडर 17 - फोटो : sonylijin

भारत पहली बार फीफा विश्व कप फुटबॉल प्रतियोगिता की मेजबानी करने को तैयार है। 17 साल से कम उम्र के खिलाड़ियों के विश्व कप का आयोजन 6 से 28 अक्टूबर तक भारत के छह शहरों में होगा। इसमें क्वालीफाई कर आने वाली 24 टीमें भाग ले रही हैं। भारत की 21 सदस्यीय टीम में ऐसे ‌सितारे हैं जिन्होंने पैसों की कमी के बीच जीवन गुजारा है। यह नन्हें सितारे अब विश्व कप में जलवा बिखेरने को तैयार हैं। फीफा अंडर-17 फुटबॉल वर्ल्ड कप शुरू होने में महज 3 तीन दिन ही बचे हैं। फीफा अंडर-17 वर्ल्डकप का पहला आगाज 6 अक्टूबर को होगा, जिसमें पहला मुकाबला कोलंबिया और घाना के बीच खेला जायेगा।

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बता दें कि ये टूर्नामेंट 23 दिन तक चलेगा। 23 दिनों तक चलने वाले इस वर्ल्ड कप में कुल 52 मैच खले जाएंगे। इस टूर्नामेंट में 24 टीमों को 06 ग्रुप में बांटा गया है। भारत का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर को अमेरिका के साथ दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में होगा।
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पढ़ेंः-  टीम इंडिया के मुख्य कोच ने कहा, FIFA U-17 वर्ल्ड कप जीतने के लिए ही खेलेंगे
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अमरजीत सिंह कियाम
अमरजीत सिंह कियाम को फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप के लिये भारतीय टीम का कप्तान चुना गया है। इससे कियाम बहुत ही आश्चर्यचकित हैं। बता दें कि मणिपुर के थाउबाल जिले की हाओखा ममांग गांव के रहने वाले अमरजीत के लिये यहां तक का सफर काफी मुश्किल भरा रहा है।अमरजीत ने स्कूल के दिनों में फुटबाल खेलना शुरू किया था और 2010 में वह चंडीगढ़ स्थित फुटबाल अकादमी में गये, जहां खेलने के अलावा उन्हें मुफ्त में रहने और पढ़ने की सुविधा भी मिली। साल 2015 में चंडीगढ़ स्थित फुटबाल अकादमी से वह गोवा की ओर रवाना हो गए। गोवा के एआईएफएफ अकादमी में उन्हें बुलाया गया और तब से वह वहां प्रशिक्षण दे रहे हैं। 

संजीव स्टालिन
संजीव स्टालिन बेंगलुरु के रहने वाले हैं। स्टालिन डिफेंडर के साथ-साथ डेड बॉल स्पेशलिस्ट भी हैं। यानी वे फ्री किक, कॉर्नर किक आदि जमाने में माहिर हैं। इनका भी जीवन गरीबी में ही बीता है। स्टालिन की मां फुटपाथ पर कपड़े बेचती हैं। स्टालिन कहा कि मेरे पिता हर दिन मजदूरी की तलाश में यहां-वहां भटकते रहते थे इसलिए मेरी मां रेहड़ी पटरी पर कपड़े बेचती थीं ताकि घर का खर्च चल सके। स्टालिन ने कहा, 'हमें फीफा अंडर-17 में खेलने से पहले अपनी टीम की सामूहिक क्षमता पर पूरा भरोसा है। हम जीतने के लिए खेलेंगे और अपने प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर देंगे। हम जानते हैं कि हम अपने ग्रुप में एक कमजोर टीम हैं, लेकिन हमारे पास सभी को चौंकाने के लिए रणनीतियां हैं।'

तंगहाली में भी सामने निखरकर आए ये खिलाड़ी

FIFA U-17 World Cup: this players life are full of conflicts
फीफा

अभिजीत सरकार
अभिजीत सरकार बंगाल के रहने वाले हैं। यह मिडफील्डर्स के तौर पर अच्छा खलते हैं। सरकार की भी आर्थिक स्थिति कुछ ठीक नहीं थी। पिता वैन ड्राइवर और मां बीड़ी का बंडल बनाती थीं। अभिजीत सरकार जब 10 साल के थे तो उनके सामने भी बड़े होकर इन्हीं में से कोई एक काम चुनने का ऑप्शन था, लेकिन 2013 में कुछ ऐसा हुआ कि जिंदगी बदल गई। बता दें कि ब्राजील फुटबॉल टीम के डिफेंडर कार्लोस अलबर्टो वर्ल्ड कप ट्रॉफी टूर में कोलकाता आए थे। वे जूनियर टूर्नामेंट का मैच देखने ग्राउंड पर पहुंचे। वहां अभिजीत का खेल देखकर उन्हें फुटबॉल गिफ्ट किया और कहा कि इसे अपना बेस्ट फ्रेंड बना लो। यह जिंदगी में हमेशा तुम्हारी मदद करेगा।  थोड़े वक्त बाद वे देश की अंडर-15 टीम में चुने गए। लगातार अच्छे परफॉर्मेंस की बदौलत उन्हें वर्ल्ड कप के लिए भारत की अंडर-17 टीम में जगह मिल गई।

कोमल थाटल
कोमल थाटल सिक्किम के रहने वाले हैं। थाटल मिडफील्डर हैं।  थाटल के पसंदीदा खिलाड़ी मिडफील्डर यूजीनसन लिंगदोह हैं। बता दें कि सिक्किम के 17 वर्षीय कोमल थाटल के पास फुटबाल खरीदने के लिये पैसे नहीं थे और वह प्लास्टिक से बनी गेंद से खेलते थे। थाटल ने बताया कि, 'मेरे अभिभावक दर्जी है और मेरे पैतृक गांव में उनकी छोटी सी दुकान है। बचपन में मैं कपड़े या प्लास्टिक से बनीं गेंद से फुटबाल खेलता था।' थाटल 2011 में नामची खेल अकादमी से जुड़े और उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर इसके मुख्य कोच ने 2014 में उन्हें एआईएफएफ के शिविर में गोवा भेजा, जहां से उन्होंने विश्व कप टीम में जगह बनाई। पिछले साल ब्रिक्स कप में उन्होंने ब्राजील के खिलाफ गोल भी किया था। जिसमें टीम को 1-3 से हार मिली थी।

खुमांथेम निंगथोइंगानबा
खुमांथेम निंगथोइंगानबा मणिपुर के रहने वाले हैं। यह भी मिडफील्डर हैं। इनके पसंदीदा खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो हैं। साथ ही भारतीय फुटबॉल स्टार सुनील क्षे‌त्री को भी बहुत लाइक करते हैं। निंगथोइंगानबा की भी परिवारिक स्थिति कुछ खास नही है। खुमांथेम निंगथोइंगानबा की मां इम्फाल में मछली बेचती है।

भारत की 21 सदस्यीय टीम 
अमरजीत सिंह कियाम (कप्तान), धीरज सिंह, बोरिस सिंह थांगजाम, सुरेश सिंह वांगजाम, कुमनथेम मीतेई, जैकसन सिंह, मोहम्मद शाहजहां, नोंगदंबा नाओरेम, प्रभुशकन सिंह गिल, सनी धालीवाल, अनवर अली, जितेंद्र सिंह, अभिजीत सरकार, रहीम अली, संजीव स्टालिन, हेंड्री एंटोनी, नमित संदीप देशपांडे, अनिकेत अनिल जाधव, कोमल थटाल, लालेंगमाविया, राहुल केनोली प्रवीण।

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