फ्रांस: रूस और इंग्लैंड के बीच मैच में हिंसा
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फ्रांस में हो रहे यूरो 2016 चैम्पियनशिप में रूस और इंग्लैंड के पहले मैच से पहले और मैच के बाद दोनों टीमों के समर्थकों के बीच जमकर हिंसा हुई।
दक्षिणी फ्रांस के मार्से शहर में फ्रांस और रूस की टीमों के समर्थकों से इंग्लैंड की टीम के फैन्स की मारपीट हुई।
इसमें कम से कम 30 लोग जख्मी हुए हैं जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
बाद में इंग्लैंड और रूस के बीच मैच के 1-1 पर ड्रॉ रहने के बाद भी दोनों देशों के समर्थकों के बीच झड़पें हुईं। हिंसा की शुरुआत रूसी फैन्स के इंग्लिश प्रशंसकों पर हमला करने से हुई थी।
एक अनुमान के मुताबिक अपनी-अपनी टीमों के पहले मैच को देखने के लिए मार्से में दोनों टीमों के करीब 90 हजार समर्थक जमा हुए थे।
फुटबॉल प्रेमी जब एक दूसरे पर कुर्सियां और बोतलें फेंकने लगे तो दंगा रोधी पुलिस को आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल करना पड़ा।
अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। फ्रांस में ये तीसरा दिन है जब फुटबॉल प्रेमियों के बीच हिंसा हुई है।
फ्रांस के गृह मंत्री बर्नार्ड केजेनोव ने कहा कि मार-पीट करनेवालों ने मैच से पहले के माहौल को हिंसा का बहाना बना लिया।
यूरोपीयन फुटबॉल की शासकीय संस्था यूईएफए ने हिंसा की निंदा की है और कहा है कि ऐसी हिंसक गतिविधियों की खेल में कोई जगह नहीं है।
संस्था ने हिंसा की जांच करवाने की बात कही है।