ISL: दिल्ली का साथ छोड़ेगा डायनमोज, नाम में भी कर सकता है बदलाव
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इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) का दिल्ली डायनमोज दिल्ली का साथ छोडने जा रहा है। दर्शकों की उपेक्षा और मैच के दौरान खाली रहने वाले जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के चलते क्लब मैनेजमेंट ने अब भुवनेश्वर को अपना नया घर बनाने का फैसला लिया है। यही नहीं क्लब अपना नया नाम भी रखने जा रहा है। भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम को अपना नया घरेलू मैदान बनाने पर क्लब अपना नया नाम ओडिशा एफसी या फिर कलिंगा एफसी रख सकता है। हालांकि दिल्ली डायनमोज के भुवनेश्वर जाने की गाज आई लीग में खेलने वाले ऑल इंडिया फुटबाल फेडरेशन के जूनियर फुटबालरों की टीम इंडियन एरोज पर गाज गिरने जा रही है। एरोज का भी घरेलू मैदान कलिंगा स्टेडियम है। डायनमोज के वहां जाने पर उन्हें यह मैदान छोडना पड़ सकता है। एरोज को सीनरोयर भारतीय फुटबाल टीम की सप्लाई लाइन माना जाता है।
घरेलू मैदान में नहीं होता था कोई समर्थन करने वाला
पिछले कुछ आईएसएल सत्रों में यह देखा गया कि दिल्ली डायनमोज के घरेलू मैचों में जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम पूरी तरह खाली रहता था। खाली स्टेडियम में डायनमोज को अपने मैच खेलने पड़ते थे और उनकी हौसलाअफजाई को कोई नहीं होता था। जिसके चलते डायनमोज को घरेलू मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ता था। इसी के चलते उसने ओडिशा सरकार से बात की। राज्य सरकार ने उनका प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है, साथ ही क्लब को प्रायोजक दिलाने का भी वायदा किया है। माना जा रहा है कि क्लब अक्तूबर माह में होने वाले आईएसएल मुकाबले नए नाम और नए मैदान पर खेलेगा।
एरोज को तलाशना होगा नया मैदान
आईएसएल और आई लीग एक साथ ही होते हैं। आईएसएल अपने मैदानों में टूर्नामेंट की जबरदस्त ब्रांडिंग करता है। ऐसे में एक मैदान पर आईएसएल और आई लीग मुकाबले होना मुश्किल है। हालांकि कोलकाता में ऐसा होता है, लेकिन वहां ईस्ट बंगाल और मोहन बागान के मैच होते हैं। जिसके चलते आईएसएल को वहां सामंजस्य बिठाना होता लेकिन भुवनेश्वर में ऐसा संभव नहीं होगा। सूत्र बताते हैं कि एरोज को कटक के बाराबती स्टेडियम में खेलने के लिए बोला जा सकता है। इस मुद्दे पर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है।