{"_id":"5c2656dbbdec22572a20e55d","slug":"chief-coach-stephen-constantine-i-am-not-interested-in-players-age-but-abilities","type":"story","status":"publish","title_hn":"उम्र नहीं, खिलाड़ियों की योग्यता पर भरोसा रखता हूं : कोंस्टेनटाइन","category":{"title":"Football","title_hn":"फुटबॉल","slug":"football"}}
उम्र नहीं, खिलाड़ियों की योग्यता पर भरोसा रखता हूं : कोंस्टेनटाइन
Fri, 28 Dec 2018 10:31 PM IST
Mukesh Jha
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: Mukesh Jha
Updated Fri, 28 Dec 2018 10:31 PM IST
विज्ञापन
फुटबॉल कोच स्टीफन कांस्टेनटाइन
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय फुटबॉल कोच स्टीफन कोंस्टेनटाइन ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि वह अपने खिलाड़ियों की योग्यता पर भरोसा रखते हैं, उम्र में नहीं। उन्होंने साथ ही कहा कि वह अभी से अगले दस वर्षों तक भारतीय फुटबॉल के लिए बेहतरीन टीम देख सकते हैं। भारत संयुक्त अरब अमीरात में पांच जनवरी से शुरू होने वाले एएफसी एशियन कप में 25 की औसत उम्र के खिलाड़ियों की दूसरी सबसे युवा टीम उतार रहा है।
विज्ञापन
भारत ने गुरुवार को ओमान से मैत्री मैच गोलरहित ड्रॉ खेला। कोंस्टेनटाइन ने कहा, 'मैं सीनियर और जूनियर खिलाड़ियों में अंतर नहीं देखता। ये सभी भारत के लिए खेल रहे हैं। मेरी दिलचस्पी उनकी उम्र में नहीं बल्कि उनकी काबिलियत में है। हमारी टीम की औसत उम्र 25 के करीब है। भारतीय फुटबॉल के लिए स्थिति बहुत शानदार है। हम अभी से अगले दस साल के लिए बेहतरीन टीम देख सकते हैं। इस टूर्नामेंट के बाद हमारे पास युवा भारतीय टीम होगी, जिसके पास एशियाई कप में खेलने का अनुभव होगा।'
विज्ञापन
ओमान के खिलाफ ड्रॉ से खुश : ओमान के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह अपनी टीम के प्रयासों से खुश हैं। यह हमारे लिए काफी अच्छा मैच रहा। ओमान की टीम काफी मुश्किल प्रतिद्वंद्वी है और पिछले 12 महीनों से टीम किसी मुकाबले में हारी नहीं है। लड़कों ने कड़ी मेहनत की है। मैं सकारात्मक नतीजे से खुश हूं।'
विज्ञापन
हम पर दबाव नहीं : भारतीय टीम एशियन कप में अपने अभियान की शुरुआत छह जनवरी को थाईलैंड के खिलाफ करेगी। उन्होंने कहा कि हम पर कोई दबाव नहीं है। चार साल पहले किसी ने हमारे क्वालिफाई करने की उम्मीद नहीं की थी। हमने ऐसा कर लिया तो हर कोई सोच रहा है कि हम तीनों मैच गंवा देंगे। यह हम पर है कि हम साबित करें कि हम यहां होने के हकदार हैं।