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Euro 2020: नहीं कर पाए गोल तो इन तीन खिलाड़ियों पर हुई नस्लीय टिप्पणी, पीएम जॉनसन ने की कड़ी निंदा

Mon, 12 Jul 2021 03:46 PM IST
मुकेश कुमार झा स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लंदन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: मुकेश कुमार झा Updated Mon, 12 Jul 2021 03:46 PM IST
सार

प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि इस तरह के घटिया दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार लोगों को खुद पर शर्म आनी चाहिए

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British PM condemns racial attack on ENG players after Euro 2020 final loss
- - फोटो : social media

विस्तार

ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने सोमवार को इंग्लैंड के तीन अश्वेत खिलाड़ियों के प्रति नस्ली टिप्पणी की निंदा की। दरअसल, ये खिलाड़ी यूरोपीय फुटबॉल चैंपियनशिप के फाइनल में पेनल्टी शूट आउट में इटली के खिलाफ गोल करने से चूक गए थे। जॉनसन ने ट्वीट किया कि 'ये खिलाड़ी नायक की तरह तारीफ के हकदार हैं, न कि सोशल मीडिया पर नस्लीय दुर्व्यवहार के।’ उन्होंने कहा, 'इस तरह के घटिया दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार लोगों को खुद पर शर्म आनी चाहिए।' बता दें कि रविवार रात हुए फाइनल में मार्कस रशफोर्ड की पेनल्टी गोल पोस्ट से टकरा गई थी जबकि बुकायो साका और जेडन सांचो की पेनल्टी को को इटली के गोलकीपर ने रोक दिया। नियमित और अतिरिक्त समय में मुकाबला 1-1 से बराबर रहने के बाद इटली ने पेनल्टी शूट आउट में 3-2 से जीत दर्ज की। 

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19 साल के साका निर्णायक पेनल्टी को गोल में बदलने में नाकाम रहे जिससे इटली ने खिताब जीता और इंग्लैंड की टीम 1966 विश्व कप के बाद अपना पहला पड़ा खिताब जीतने में नाकाम रही। इन तीनों खिलाड़ियों को तुरंत की सोशल मीडिया पर नस्ली दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड के फुटबॉल संघ ने बयान जारी करके कहा कि वे इस 'घटिया बर्ताव' से स्तब्ध हैं। लंदन पुलिस ने 'अस्वीकार्य' दुर्व्यवहार की निंदा करते हुए कहा कि वे 'आक्रामक और नस्ली' सोशल मीडिया पोस्ट की जांच करेंगे। 

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लंदन के मेयर सादिक खान ने सोशल मीडिया कंपनियों से अपील की कि वे जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने के लिए अधिक कदम उठाएं। उन्होंने ट्वीट किया, 'फुटबॉल या कहीं और नस्लवाद के लिए कोई जगह नहीं है। घटिया ऑनलाइन दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए और सोशल मीडिया कंपनियों को इस नफरत से बचने और हटाने के लिए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।'
 

क्रिकेटर केविन पीटरसन ने भी की निंदा

इंग्लैंड के पूर्व स्टार क्रिकेटर केविन पीटरसन ने अश्वेत फुटबॉलरों के साथ नस्लीय दुर्व्यवहार की निंदा की और सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में क्या उनके देश को 2030 फीफा विश्व कप की मेजबानी का अधिकार मिलना चाहिए। पीटरसन से ट्वीट किया, 'कल (रविवार) रात मैं डायलन के साथ अपनी कार से घर आ रहा था तो स्थिति पूरी तरह से भयानक थी। 2021 में ऐसा व्यवहार ?? हमें इतनी खुशी देने वाले खिलाडियों के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल ??' उन्होंने कहा, 'क्या हम वास्तव में 2030 विश्व कप (मेजबानी) के लायक हैं?'
 



पीटरसन ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, 'ब्रिटेन में मीडिया शायद दुनिया में सबसे शक्तिशाली है। यह उनकी जिम्मेदारी होनी चाहिए कि सोशल मीडिया कंपनियों को हर उस व्यक्ति का सत्यापन करने के लिए मजबूर किया जाए जिसका उस पर खाता (जो सोशल मीडिया पर मौजूद) है।' उन्होंने कहा, 'कोई रोबोट या कोई नकली खाता नहीं होना चाहिए। सभी के लिए जवाबदेही होनी चाहिए। यह समाज को नष्ट कर रहा है।'
 


ट्विटर ने की बड़ी कार्रवाई, हटाए 1000 से अधिक ट्वीट
इंग्लैंड के फुटबॉल खिलाड़ियों पर नस्लीय दुर्व्यवहार के बाद ट्विटर ने बड़ी कार्रवाई की है। ट्विटर ने 1000 से अधिक ट्वीट को हटा दिए हैं। इसके साथ ही कई अकाउंट्स को स्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इस बात की जानकारी ट्विटर के प्रवक्ता ने सोमवार को दी। 

पुलिस ने शुरू की जांच

ब्रिटेन की पुलिस ने इटली के खिलाफ यूरोपीय फुटबॉल चैंपियनशिप के फाइनल में इंग्लैंड की हार के दौरान पेनल्टी पर गोल करने से चूकने वाले तीन अश्वेत खिलाड़ियों (मार्कस रशफोर्ड, बुकायो साका और जेडन सांचो) के प्रति नस्लीय दुर्व्यवहार की जांच शुरू कर दी है। एफए ने कहा, 'हम प्रभावित खिलाड़ियों के समर्थन के लिए वह सब कुछ करेंगे जो कर सकते हैं। साथ ही इसके लिए जिम्मेदार लोगों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की अपील करते हैं।' संघ ने कहा, 'खेल से भेदभाव को बाहर करने के लिए हम हर संभव प्रयास जारी रखेंगे लेकिन हम सरकार से विनती करते हैं कि वे जल्द से जल्द कार्रवाई करे और इस दुर्व्यवहार के खिलाफ उचित कानून बनाएं।' जिन तीन खिलाड़ियों को लक्ष्य बनाया गया वे इंग्लैंड की युवा टीम का हिस्सा हैं जिसकी उसकी विविधता के लिए सराहना होती है। रविवार के मैच के बाद दक्षिण मैनचेस्टर के एक कैफे की दीवार पर बनी रशफोर्ड की तस्वीर को भी बिगाड़ा गया। ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस ने कहा कि वे नस्ली रूप से प्रभावित नुकसान की जांच कर रहे हैं जो घटना सुबह दो बजकर 50 मिनट पर हुई। मैनचेस्टर पुलिस के मुख्य निरीक्षक पॉल सेविल से कहा, 'यह अपमानजनक बर्ताव है और इसे बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।'

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