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सिंधू के पास 36 साल बाद इतिहास रचने का मौका, किदांबी श्रीकांत से भी देश को सुनहरे तमगे की उम्मीद

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 19 Aug 2018 05:26 AM IST
सिंधु और श्रीकांत
सिंधु और श्रीकांत - फोटो : indianexpress
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शानदार फॉर्म में चल रहे किदांबी श्रीकांत और पीवी सिंधू 18वें एशियाई खेलों में रविवार से शुरू हो रही बैडमिंटन स्पर्धा में भारतीय चुनौती की अगुवाई करेंगे, जिसमें उनकी कोशिश पहला स्थान हासिल करने पर लगी होंगी। रविवार से बैडमिंटन की टीम स्पर्धाएं शुरू हो रही हैं। भारत ने 2014 में इंचियोन में हुए पिछले एशियाई खेलों में साइना नेहवाल और सिधू के नेतृत्व में कांस्य पदक जीत कर 28 साल का पदकों का सूखा खत्म किया था।
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इससे पहले 1986 में प्रकाश पादुकोण और विमल कुमार की पुरुष टीम ने कांस्य पदक हासिल किया था। एशियाई खेलों में बैडमिंटन में भारत ने अब तक कुल आठ पदक हासिल किए हैं जिसमें सैयद मोदी इकलौते ऐसे खिलाड़ी है जिन्होंने 1982 में एकल स्पर्धा में पदक हासिल किया है।

सिंधू 23 अगस्त से शुरू हो रही एकल स्पर्धा में इस इंतजार को खत्म करना चाहेंगी। सिंधू एंड कंपनी की अगुवाई में भारतीय टीम पिछले आयोजन में जीते कांस्य पदक के रंग को बदलना चाहेगी। पहले दौर में बाई मिलने के बाद टीम रविवार को क्वार्टर फाइनल में जापान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी।
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