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बैडमिंटन में श्रीकांत हारे, कुश्ती में साक्षी की ऐतिहासिक जीत
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 18 Aug 2016 07:49 AM IST
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साक्षी मलिक
- फोटो : Getty
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पहलवान साक्षी मलिक महिलाओं के 58 किग्रा भारवर्ग कुश्ती में कांस्य पदक जीत कर इतिहास रच दिया है, उन्होंने रिपेचज राउंड में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मंगोलिया की पहलवान को 12-3 के अंतर से मात दी।
दिन की शुरुआत साक्षी ने बेहतरीन तरीके से की और क्वालीफायर्स में माल्डोवा की पहलवान को हराकर प्री क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्होंने तकनीकी अंकों के आधार पर मारियाना चेर्डिवारा को हराया। दोनों के 5-5 अंक थे लेकिन लगातार चार अंक अर्जित करने के कारण साक्षी को विजेता घोषित किया गया।
इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उन्हें रुसी पहलवान से 1-3 के अंतर से मात मिली। लेकिन बाद में रुसी पहलवान फाइनल में पहुंच गईं एेसे में उन्हें रेपलचेज राउंड में पहुंचने का मौका मिल गया।
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अब कांस्य पदक के लिए उनका मुकाबला सेमीफाइनल में हारने वाली किरगिस्तान की पहलवान से हुआ। और वह उसे पटखनी देने के साथ ही रियो ओलंपिक में भारत के लिए पहला पदक भी जीत लिया। साथ ही ओलंपिक पदक जीतने वाली देश की चौथी महिला एथलीट हैं।
साल 2008 में बीजिंग ओलंपिक में भारत के लिए सुशील कुमार ने रिपेचेज राउंड के जरिए ही कांस्य पदक हासिल किया था।
दूसरी तरफ एक अन्य पहलवान विनेश फोगाट को 48 किग्रा भारवर्ग के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में चोट लग जाने के कारण मैच से हटना पड़ा। उन्हें स्टैचर के जरिए बाहर ले जाया गया।
एथलेटिक्स में पदक की दावेदार कही जा रही भारत की टिंटू लुका महिलाओं की 800 मीटर रेस की तीसरी हिट में 2:00.58 मिनट का समय निकालकर छठे स्थान पर रही। हालांकि वह पहले लैप में लगातार सबसे आगे चल रही थीं लेकिन दूसरे और अंतिम लैप में वह पिछड़ती चली गईं और छठे नंबर पर रहीं और क्वालीफाई करने से चूक गईं। वह अंत में 29 वें स्थान पर रहीं।
लुका सीजन का अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करने में तो सफल रहीं लेकिन हीट में छठे स्थान पर पिछड़कर क्वालीफाई करने से चूक गईं। टिंटू ने 2:0:58 का समय निकाला। लंदन ओलंपिक में टिंटू ने 1:59.61 का समय निकाला था और वह सेमीफाइनल में छठे स्थान पर रहीं थीं। बुधवार को हुई हीट नंबर तीन में स्विट्जरलैंड की बुचेल सेलिना ने 1:59.00 का समय निकाला जबकि केन्या की मार्गेट वेमबुई (1:59.66) दूसरे स्थान पर रहकर क्वालीफाई करने में सफल रहीं। कुल आठ हीट्स में श्रेष्ठ दो खिलाड़ी अगले दौर में पहुंचेंगी।
उलटफेर में माहिर कादांबी श्रीकांत रियो ओलंपिक में बैडमिंटन के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में गत चैंपियन चीन के लिन डेन से बेहद कांटेदार मुकाबले में हार गए हैं।बैडमिंटन के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में जोरदार मुकाबले में श्रीकांत ने डेन से पहला गेम एकतरफा मुकाबले में 6-21 से गंवा दिया, लेकिन दूसरे गेम में उन्होंने बेहद जोरदार तरीके से वापसी की और 21-11 से गेम जीतकर मैच को बराबरी पर ला दिया। डेन ने तीसरे गेम में कांटेदार मुकाबला में 21-18 से पराजित कर सेमीफाइनल में जगह बना ली।
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दिन की शुरुआत साक्षी ने बेहतरीन तरीके से की और क्वालीफायर्स में माल्डोवा की पहलवान को हराकर प्री क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्होंने तकनीकी अंकों के आधार पर मारियाना चेर्डिवारा को हराया। दोनों के 5-5 अंक थे लेकिन लगातार चार अंक अर्जित करने के कारण साक्षी को विजेता घोषित किया गया।
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इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उन्हें रुसी पहलवान से 1-3 के अंतर से मात मिली। लेकिन बाद में रुसी पहलवान फाइनल में पहुंच गईं एेसे में उन्हें रेपलचेज राउंड में पहुंचने का मौका मिल गया।
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अब कांस्य पदक के लिए उनका मुकाबला सेमीफाइनल में हारने वाली किरगिस्तान की पहलवान से हुआ। और वह उसे पटखनी देने के साथ ही रियो ओलंपिक में भारत के लिए पहला पदक भी जीत लिया। साथ ही ओलंपिक पदक जीतने वाली देश की चौथी महिला एथलीट हैं।
साल 2008 में बीजिंग ओलंपिक में भारत के लिए सुशील कुमार ने रिपेचेज राउंड के जरिए ही कांस्य पदक हासिल किया था।
दूसरी तरफ एक अन्य पहलवान विनेश फोगाट को 48 किग्रा भारवर्ग के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में चोट लग जाने के कारण मैच से हटना पड़ा। उन्हें स्टैचर के जरिए बाहर ले जाया गया।
एथलेटिक्स में पदक की दावेदार कही जा रही भारत की टिंटू लुका महिलाओं की 800 मीटर रेस की तीसरी हिट में 2:00.58 मिनट का समय निकालकर छठे स्थान पर रही। हालांकि वह पहले लैप में लगातार सबसे आगे चल रही थीं लेकिन दूसरे और अंतिम लैप में वह पिछड़ती चली गईं और छठे नंबर पर रहीं और क्वालीफाई करने से चूक गईं। वह अंत में 29 वें स्थान पर रहीं।
लुका सीजन का अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करने में तो सफल रहीं लेकिन हीट में छठे स्थान पर पिछड़कर क्वालीफाई करने से चूक गईं। टिंटू ने 2:0:58 का समय निकाला। लंदन ओलंपिक में टिंटू ने 1:59.61 का समय निकाला था और वह सेमीफाइनल में छठे स्थान पर रहीं थीं। बुधवार को हुई हीट नंबर तीन में स्विट्जरलैंड की बुचेल सेलिना ने 1:59.00 का समय निकाला जबकि केन्या की मार्गेट वेमबुई (1:59.66) दूसरे स्थान पर रहकर क्वालीफाई करने में सफल रहीं। कुल आठ हीट्स में श्रेष्ठ दो खिलाड़ी अगले दौर में पहुंचेंगी।
उलटफेर में माहिर कादांबी श्रीकांत रियो ओलंपिक में बैडमिंटन के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में गत चैंपियन चीन के लिन डेन से बेहद कांटेदार मुकाबले में हार गए हैं।बैडमिंटन के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में जोरदार मुकाबले में श्रीकांत ने डेन से पहला गेम एकतरफा मुकाबले में 6-21 से गंवा दिया, लेकिन दूसरे गेम में उन्होंने बेहद जोरदार तरीके से वापसी की और 21-11 से गेम जीतकर मैच को बराबरी पर ला दिया। डेन ने तीसरे गेम में कांटेदार मुकाबला में 21-18 से पराजित कर सेमीफाइनल में जगह बना ली।
चीन के लिन डेन को खूब थकाया श्रीकांत ने
दो बार के ओलंपिक चैंपियन चीन के लिन डेन ने बैडमिंटन एकल स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में भारत के किदांबी श्रीकांत को तीन गेमों के कड़े मुकाबले में हराने के साथ ही पुरुष एकल में भारत की चुनौती टूट गई।
भारत की ओर से केवल किदांबी श्रीकांत ही रियो ओलंपिक में चुनौती पेश कर रहे थे। पांच बार के विश्व चैंपियन लिन डेन ने पहला गेम आसानी से जीत लिया था लेकिन दो साल पहले चाइना ओपन सुपर सीरीज में लिन डेन को हराने वाले श्रीकांत ने दूसरे गेम में जबर्दस्त वापसी करते हुए 21-11 से गेम जीतकर मुकाबला 1-1 से बराबरी पर कर दिया।
दूसरे गेम में श्रीकांत के जोरदार स्मैश और बेहतरीन ड्राप्स के आगे लिन डेन भी परेशान हो गए। तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच फिर जोरदार टक्कर देखने को मिली। एकबारगी तो लग रहा था कि दुनिया में 11वें नंबर के खिलाड़ी श्रीकांत उलटफेर कर देंगे।
श्रीकांत जब 16-17 से पिछड़ रहे थे तब उनका एक ड्रॉप कोर्ट से बाहर गिर गया और अगला ड्रॉप नेट में उलझ गया। तीन अंकों की बढ़त के बाद लिन मनोवैज्ञानिक लाभ की स्थिति में आ गए।
तीसरे गेम में लिन ने श्रीकांत को नेट पर उलझाए रखा। एक अंक और गंवाने से लिन मैच प्वाइंट पर आ गए। हालांकि श्रीकांत ने पहला मैच प्वाइंट बचा लिया लेकिन दूसरे मैच प्वाइंट पर डेन ने अंक लेते ही जीत हासिल कर राहत की सांस ली। श्रीकांत पुरुष वर्ग में भारत के दूसरे खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। लंदन ओलंपिक में पारूपल्ली कश्यप क्वार्टर फाइनल में पहुंचे थे।
चीन में बेहद लोकप्रिय 32 साल के लिन डेन 2 बार के ओलंपिक चैंपियन (बीजिंग 2008 और लंदन 2012) होने के साथ ही 6 बार के ऑल इंग्लैंड चैंपियन और 5 बार के वर्ल्ड चैंपियन हैं। उन्होंने बैडमिंटन के सभी 9 मेजर खिताब जीतने का कारनामा किया है।
2012 में हुए लंदन ओलंपिक में पारूपल्ली कश्यप क्वार्टर फाइनल में पहुंचे थे। इस बार महिला एकल में पीवी सिंधू भी बड़ा उलटफेर करते हुए सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं।
भारत की ओर से केवल किदांबी श्रीकांत ही रियो ओलंपिक में चुनौती पेश कर रहे थे। पांच बार के विश्व चैंपियन लिन डेन ने पहला गेम आसानी से जीत लिया था लेकिन दो साल पहले चाइना ओपन सुपर सीरीज में लिन डेन को हराने वाले श्रीकांत ने दूसरे गेम में जबर्दस्त वापसी करते हुए 21-11 से गेम जीतकर मुकाबला 1-1 से बराबरी पर कर दिया।
दूसरे गेम में श्रीकांत के जोरदार स्मैश और बेहतरीन ड्राप्स के आगे लिन डेन भी परेशान हो गए। तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच फिर जोरदार टक्कर देखने को मिली। एकबारगी तो लग रहा था कि दुनिया में 11वें नंबर के खिलाड़ी श्रीकांत उलटफेर कर देंगे।
श्रीकांत जब 16-17 से पिछड़ रहे थे तब उनका एक ड्रॉप कोर्ट से बाहर गिर गया और अगला ड्रॉप नेट में उलझ गया। तीन अंकों की बढ़त के बाद लिन मनोवैज्ञानिक लाभ की स्थिति में आ गए।
तीसरे गेम में लिन ने श्रीकांत को नेट पर उलझाए रखा। एक अंक और गंवाने से लिन मैच प्वाइंट पर आ गए। हालांकि श्रीकांत ने पहला मैच प्वाइंट बचा लिया लेकिन दूसरे मैच प्वाइंट पर डेन ने अंक लेते ही जीत हासिल कर राहत की सांस ली। श्रीकांत पुरुष वर्ग में भारत के दूसरे खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। लंदन ओलंपिक में पारूपल्ली कश्यप क्वार्टर फाइनल में पहुंचे थे।
चीन में बेहद लोकप्रिय 32 साल के लिन डेन 2 बार के ओलंपिक चैंपियन (बीजिंग 2008 और लंदन 2012) होने के साथ ही 6 बार के ऑल इंग्लैंड चैंपियन और 5 बार के वर्ल्ड चैंपियन हैं। उन्होंने बैडमिंटन के सभी 9 मेजर खिताब जीतने का कारनामा किया है।
2012 में हुए लंदन ओलंपिक में पारूपल्ली कश्यप क्वार्टर फाइनल में पहुंचे थे। इस बार महिला एकल में पीवी सिंधू भी बड़ा उलटफेर करते हुए सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं।