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World Boxing Championship: जैस्मिन के बाद मीनाक्षी ने भी जीता स्वर्ण पदक, कजाखस्तान की मुक्केबाज को दी मात

Sun, 14 Sep 2025 07:45 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लिवरपूल
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लिवरपूल Published by: शोभित चतुर्वेदी Updated Sun, 14 Sep 2025 07:45 PM IST
सार

जैस्मिन ने पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता पोलैंड की जूलिया जेरेमेटा को हराकर फीदरवेट वर्ग का खिताब अपने नाम किया था। इसके बाद डेब्यू कर रहीं मीनाक्षी ने पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता कजाखस्तान की नाजिम काइजेबे को 48 किग्रा वर्ग के फाइनल में 4-1 से हराकर जुलाई में विश्व कप में मिली हार का बदला चुकता किया।

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after Jaismine Lamboria Minakshi Hooda also won gold medal in World boxing Championship titles
मीनाक्षी हुड्डा - फोटो : BFI Media

विस्तार

भारत की मुक्केबाज जैस्मिन लंबोरिया के बाद मीनाक्षी हुड्डा ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत लिया है। पहले जैस्मिन ने 57 किग्रा में सोना अपने नाम किया और फिर मीनाक्षी ने 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। भारत ने विदेशी सरजमीं पर महिला वर्ग में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए चार पदक अपने नाम किए।
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मीनाक्षी ने ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ी को हराया 
जैस्मिन ने पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता पोलैंड की जूलिया जेरेमेटा को हराकर फीदरवेट वर्ग का खिताब अपने नाम किया था। इसके बाद डेब्यू कर रहीं मीनाक्षी ने पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता कजाखस्तान की नाजिम काइजेबे को 48 किग्रा वर्ग के फाइनल में 4-1 से हराकर जुलाई में विश्व कप में मिली हार का बदला चुकता किया। नुपूर शेरोन (80 प्लस किलो) और पूजा रानी (80 किलो) को गैर ओलंपिक भारवर्ग में क्रमश: रजत और कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। भारत ने प्रतियोगिता में चार पदक जीते जो विदेशी सरजमीं पर उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
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दिग्गजों की सूची में हुईं शामिल
इस जीत के साथ जैसमीन और मीनाक्षी विश्व चैम्पियन बनने वाली भारतीय मुक्केबाजों की सूची में शामिल हो गई हैं। इससे पहले छह बार की चैंपियन एम सी मेरीकोम (2002, 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018), दो बार की विजेता निकहत जरीन (2022 और 2023), सरिता देवी (2006), जेनी आरएल (2006), लेखा केसी (2006), नीतू गंघास (2023), लवलीना बोरगोहेन (2023) और स्वीटी बूरा (2023) यह खिताब जीत चुकी हैं।
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24 साल की मीनाक्षी बैकफुट पर सहज दिखीं और उन्होंने सीधे मुक्के जड़े जबकि कजाखस्तान की 31 वर्षीय अनुभवी मुक्केबाज पूरी आक्रामकता के साथ आगे बढ़ रही थीं। पहला राउंड गंवाने के बाद काइजेबे ने दूसरे राउंड में आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने भारतीय मुक्केबाज के शरीर पर वार किए और 3-2 से राउंड जीत लिया। मीनाक्षी ने तुरंत पलटवार किया। मौके की जरूरत को देखते हुए उन्होंने तीसरे राउंड में अधिक आक्रामकता दिखाई और पूरे दबदबे के साथ विरोधी मुक्केबाज पर मुक्के बरसाए और जीत दर्ज की।
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