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इसलिए जनवरी का महीना धार्मिक और आध्यत्मिक दृष्टि से खास है

Mon, 19 Jan 2015 01:12 PM IST
ज्योतिर्मय/अमर उजाला
ज्योतिर्मय/अमर उजाला Updated Mon, 19 Jan 2015 01:12 PM IST
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why january is good for spritulity and devotion

हवा में अभी भले ही सर्दी हो और मौसम बेहद ठंडा हो लेकिन स्थितियां या वातावरण आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए अनुकूल है। पैंतीस लोगों पर किए एक प्रयोग के दौरान बंगलुरू की रिसर्च इंस्टी्ट्यूट आफ स्पिरिचुअल साइंस ने पाया कि माघ का यह महीना भीतरी ऊर्जा और स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह उपयुक्त या अनुकूल है।

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थियोसोफिस्ट विचार से जुड़ी इस संस्था के संयोजक मनसिज पोद्दार का कहना है कि मौसम चाहे जैसा हो, कुछ अंतर्ग्रही विकिरण इन दिनों ऐसे प्रवाहित होते हैं जो व्यक्ति को अंतींद्रिय अनुभवों से संपन्न करते हैं। माघ का महीना पंरपरागत रूप से भी अध्यात्म मार्ग के लिए अनुकूल माना जाता है। इसीलिए नए कैलेंडर के शुरुआती महीने में सबसे ज्यादा व्रत पर्व मनाए जाते हैं।

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इन दिनों पृथ्वी सूर्य के सबसे नजदीक होती है। कायदे से तो उत्तरी गोलार्ध में इसे सबसे गर्म महीना होना चाहिए, मगर यह सबसे ठंडा महीना होता है, क्योंकी पृथ्वी का उत्तरी भाग सूर्य के दूसरी तरफ होता है। योगशास्त्र और विज्ञान के अनुसार मानसिक असंतुलन को जलतत्व के अनियंत्रित होने के रूप में देखा जाता है। माघ के महीने में पृथ्वी ऐसा कोण बनाती है कि सूर्य की किरणे यहां पहुंचते तक बिखर जाती हैं। वे धरती को गर्म नहीं कर पातीं।
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मगर सूर्य का गुरुत्वाकर्षण इन दिनों अधिकतम होता है। जनवरी में अर्थात माघ के महीने में पृथ्वी सूर्य के सबसे करीब होती है, इसलिए सूर्य का अधिकतम खिंचाव भी इन्ही दिनों होता है। यह समय सौरमंडल और उसमें रहने वाले जीवों के जीवन में संतुलन और स्थिरता लाता है। मनसिज पोद्धार के अनुसार नीचे की ओर खिंचाव के कारण व्यक्ति का मूलाधार चक्र सक्रिय हो जाता है उत्तरी गोलार्ध में इन दिनों जीवन की गति मंद हो जाती है।


यहां तक कि कोई बीज बोया जाए तो उसका विकास भी प्रभावित होता है, उसका ठीक से अंकुरण नहीं हो पाया। शोध संस्थान के अनुसार इन दिनों जप तप, ध्यान पूजा और शीत उष्ण द्वंद्वों को सहने की के अभ्यासों का महत्व देखा गया है। जिन लोगों पर प्रयोग किए या उनके रहन सहन को जांचा परखा गया, उनके निष्कर्ष भी इस महीने की आध्यात्मिक ऊर्जा को रेखांकित करते हैं।

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