फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Yog-Dhyan ›   tips for sleep at night

रात भर सोने की जरुरत नहीं सिर्फ 40 मिनट काफी है सोने के लिए

Fri, 30 Oct 2015 01:37 PM IST
Updated Fri, 30 Oct 2015 01:37 PM IST
विज्ञापन
tips for sleep at night

अब से थकान दूर करने के लिए पूरी रात सोना छोड़िए और सिर्फ 40 मिनट में पाइए भरपूर ताजगी और थकान से मुक्ति, ये है तरीका।

विज्ञापन

यूं तो कहा जाता है कि कम से काम 6 घंटे की नींद हर किसी के लिए जरुरी है। लेकिन बहुत से लोगों की यह शिकायत रहती है कि पूरी रात सोने के बाद भी सुबह शरीर थका और सुस्त लगता है।

अगर आपको भी इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है और आपकी नींद पूरी नहीं हो पाती है तो आपको अपने सोने के तरीके में एक आसान से बदलाव लाना होगा। इस बदलाव के साथ आप पाएंगे कि आपकी नींद सिर्फ 40 मिनट में पूरी हो गई और आप खुद को तरोताजा और थकान मुक्त पाएंगे।
विज्ञापन


सोने के इस तरीके में न आपको मोटे और आरामदायक गद्दे की जरुरत है न सिरहाने की आप जहां चाहें वहां अपनी थकान फटाफट दूर कर सकते हैं और बचा सकते हैं हर रोज अपने जीवन के कई घंटे जो आप सोने में गंवा देते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

तो इस तरह सोकर बचा सकते हैं कीमती समय

tips for sleep at night

योग और अब विज्ञान ने माना है कि पंद्रह से चालीस मिनट की एक गहरी नींद ली जाए तो आठ दस घंटे बचाए जा सकते हैं और ताजगी गहरे विश्राम जैसी। योग ने इसे योगनिद्रा कहा है।

योगदर्शन के अब तक के सबसे लोकप्रिय और सर्वांगपूर्ण भाष्य के लेखक स्वामी ओमानंद तीर्थ का कहना है कि अभ्यास कायदे से किया जाए तो दिन में बाईस-तेईस घंटे काम किया जा सकता है।

योगनिद्रा पर काम कर रहे रूस के वैज्ञानिक एंकतिया चोस्की ने महाभारत में अर्जुन को निद्राजित कहे जाने का सच जानने के लिए, योग का अध्ययन करते समय उन्होंने नींद की जरूरत पर खोज और प्रयोग शुरू किए।

ये है योगन‌िद्रा व‌िज्ञान और फायदा

tips for sleep at night

उन्होंने पाया कि नींद के समय व्यक्ति शरीर एवं श्वास के प्रति अचेत रहता है। इससे वह ताजगी और विश्राम महसूस करता है। उन्होंने शरीर के कुछ केंद्रों का जिक्र किया। पेडू, नाभि, पसलियों के बीच, कंठ में और दोनों आंखों के बीच ऐसे केंद्र हैं जहां से शिराओं और तंतुओं तक तरंगें दौड़ती है।

स्वामी ओमानंद के अनुसार व्यक्ति सोते समय अचेतन रूप से देहात्म बोध से मुक्त हो जाता है। तब मस्तिष्क के मुख्य भाग और मेरुदंड के छह चक्रों के शक्ति केंद्रों में बहती धाराएं सक्रिय होती है। इस स्थिति में आने में चार से छह घंटे लग जाते हैं और सिर्फ चालीस मिनट ही ऐसी स्थिति रहती है जो विश्राम देती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed