बस कुछ मिनट में आप भी बनाइये अपनी सुरक्षा कवच, जानिए फायदे
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कुछ मिनटों का ध्यान घंटों के विश्राम के जैसी ताजगी भर देता है। यही नहीं उसे अलाय-बलाय से भी बचाता है। पौराणिक पदों में यह बात कही जाती तो शायद यकीन नहीं होता, लेकिन अब विज्ञान भी मानने लगा है कि ध्यान से व्यक्ति के ईर्द गिर्द एक अदृश्य कवच बनता है। वह कवच उसे माहौल में छाए संक्रमणों से बचाता है। हारवर्ड विश्वविद्यालय में कार्डियो फेकल्टी में शोध निर्देशक डॉ. हर्बर्ट वेनसन का कहना है कि नियमपूर्वक बीस मिनट प्रतिदिन ध्यान किया जाए तो शरीर में ऐसे बदलाव आने लगते हैं कि वह रोग और तनाव के कई आक्रमणों काया मुकाबला करने लगता है। इसके लिए अलग से चिकित्सकीय सावधानी नहीं बरतनी पड़ती।
अपनी फेकल्टी में शोध कार्य के दौरान वे हृदय तन्त्र की कार्य विधि और संवेगों के पारस्परिक सम्बन्धों का अध्ययन करते हुए वे ध्यान की ओर आकर्षित हुए। उन्होंने अपने सहयोगी डॉ. वैलेस और उनकी टीम के साथ 1862 व्यक्तियों का परीक्षण किया जो नियमित ध्यान करते थे। अध्ययन के निष्कर्षों को उन्होंने -रिस्पांस: मेडिसिन एंड टेंशन- पुस्तक में पेश किया है। उन्होंने लिखा है कि ध्यान के कारण व्यक्ति की त्वचा में अवरोध क्षमता की वृद्धि भी होती है। ध्यान में तीन मिनट के भीतर ही ऑक्सीजन की खपत दर में सोलह प्रतिशत की कमी आ जाती है, जबकि पांच घण्टे की नींद में केवल आठ प्रतिशत की ही कमी आती है।
इसी से मिलता जुलता एक प्रयोग लंदन के माडस्लो अस्पताल तथा इंस्टीट्यूट ऑफ साइकिएट्री के डॉ. पीटर फेन्विक ने भी किया। उन्होंने अपनी पुस्तक मेडिटेशन एण्ड साइंस में लिखा है कि ऐसे कुछ व्यक्तियों के मस्तिष्क की विद्युत क्रिया की जांच की जो कम से कम एक वर्ष से ध्यान क नियमित अभ्यास कर रहे थे। मस्तिष्क तरंगों की रिकार्डिंग में ध्यान के समय स्पष्ट परिवर्तन नोट किए गए। इन तरंगों से जो ताजगी मिलती है, उससे शरीर और मन बाहरी प्रतिकूलताओं को सहने लायक पर्याप्त सामर्थ जुटा लेता है।