फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Yog-Dhyan ›   mystery of life after death

मरने के बाद पुनः जीवित होने का यह राज जानकर चौंक जाएंगे

Sat, 11 Oct 2014 03:08 PM IST
ज्योतिर्मय/अमर उजाला
ज्योतिर्मय/अमर उजाला Updated Sat, 11 Oct 2014 03:08 PM IST
विज्ञापन
mystery of life after death

मरने के बाद चिता पर रखते ही या उसमें आग लगाते ही लोगों के उठ खडे़ होने अथवा दफना दिए जाने के बाद कब्र के भीतर से जीवित लौट आने की कितनी ही खबरें आती है।

विज्ञापन


इसका कारण यह भी बताया जाता है कि ठीक से मृत्यु होने के पहले ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस तरह की घटनाओं से परे भी कई ऐसे वाकये हुए हैं जिनमें मरने के घंटे दो घंटे बाद लोग फिर जी उठे।
विज्ञापन


चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित कर दिए जाने के बाद फिर से जी उठने की खबरों में यह भी आता है कि लोग अपने अनुभव सुनाने लगते हैं।

इन जानकारियों और जांच प्रयोगों से हट कर न्यूयार्क की स्टेट यूनर्सिटी में प्रोफेसर औ साउथंपन विश्वविद्यालय में रिसर्च फैलो रहे डा. सेम पेरनिया का कहना है कि मृत्यु के बाद जीवन का अंत नहीं हो जाता।
विज्ञापन
विज्ञापन

मृत्यु के बाद तीन मिनट तक होता है यह एहसास

mystery of life after death

मरने के बाद भी कुछ समय तक, कम से कम तीन मिनट तक व्यक्ति को अपने शरीर में होने का आभास होता है। यही नहीं वह प्रतिक्रिया भी करता है।

मृत्यु के बाद फिर जी उठे लोगों ने जो अनुभव सुनाए, उनसे पुष्टि हुई की मृत्यु के बाद शरीर भले ही नष्ट हो जाए, चेतना का वह अंश ज्यों का त्यों बरकरार रहता है, जो शरीर को चैतन्य रखता है।

या जिसके कारण शरीर में बोध रहता है। डा.सैम के निर्देशन में हुए इस अध्ययन में ब्रिटेन, अमेरिका और आस्ट्रिया के 15 अस्पतालों में 2060 मामलों का अध्ययन किया गया।

इस अध्ययन के रोचक निष्कर्ष सामने आए। कुछ मामलों में लोगों ने अशरीरी अनुभव बताए। कहा कि वे अपने संबंधियों को दुखी होने से रोक रहे थे।

कहने की कोशिश कर रहे थे कि उनकी मृत्यु नहीं हुई है, वे जीवित है और किसी मित्र से या जीवनसाथी से या निकट संबंधी से बात करना चाहते हैं।

मरने के बाद भी जीवन बचा रहता है

mystery of life after death

मर रहे लोगों के अनुभवों या मृत्यु की प्रक्रिया के दौरान प्रयोगशाला में चल रहे प्रयोगों से पता चला कि 39 प्रतिशत मामलों में लोग हार्ट अटैक के कारण मृत हुए थे।

चिकित्सा उपचार के दौरान उनके होश हवाश कायम थे। मृत्यु से तीन मिनट पहले तक उन्हें अपने और आसपास जो घट रहा है, उस बारे में अच्छी तरह याद था।

मृत्यु के बाद फिर से जन्म होता है या नहीं, इस मुद्दे पर विभिन्न धर्म परंपराओं मे मतभेद है। पर मरने के बाद भी जीवन बचा रहता है, एक नया संसार शुरु होता है, इस विषय में कोई दो राय नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed