फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Yog-Dhyan ›   mantra also help get rid of diseases

इन मंत्रों में है कमाल की शक्ति, आप खुलकर लेंगे जिन्दगी का मजा

Mon, 21 Apr 2014 01:00 PM IST
Updated Mon, 21 Apr 2014 01:00 PM IST
विज्ञापन
mantra also help get rid of diseases

अणु और उसके बाद विद्युत ऊर्जा से संसार के बनने के सिद्धांत के बाद ताजा मान्यता यह आई है कि दुनिया में जो भी कुछ अस्तित्व में आता है वह स्पंदनों से बन कर आता है। स्पंदन अर्थात कंपन।

विज्ञापन


महर्षि तत्वानुसंधान केंद्र बंगलुरू के अनुसार कंपन या स्पंदन को नियंत्रित करने में मंत्रों का उपयोग किया जा सकता है। शुरूआती प्रयोगों में वायु-पित्त-कफ नामक दोषों में असंतुलनों से आने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने में मंत्रों का सफल उपयोग किया गया है।
विज्ञापन


अमेरिका में ओहियो यूनिवर्सिटी के कुछ शोधकर्ताओं के अनुसार कैंसरयुक्त फेफड़ों, आंत, मस्तिष्क, स्तन, त्वचा और फाइब्रो ब्लास्ट की लाइनिंग्स पर सामवेद के मंत्रों का भी प्रयोग किया गया।

स्त्री रोग में मंत्रों के चमत्कारी प्रभाव

mantra also help get rid of diseases

महर्षि आयुर्वेद के वैद्य या डॉक्टरों की एक टीम ने इन प्रयोगों में पाया मंत्रों के प्रभाव से कैंसर की कोशिकाओं की बाढ़ मे गिरावट आई। इसके विपरीत तेज गति और ध्वनि वाले रॉक संगीत से कैंसर की कोशिकाओं में तेजी से बढ़ोतरी हुई।

प्रयोग करने वाली टीम के प्रमुख ऋषि चैतन्य (डा. एच मैकेंजी) के अमुसार लगभग पचास रोगों के मरीजों पर किए गए क्लीनिकल परीक्षणों के अनुसार दमा, अस्थमा रोग में सत्तर प्रतिशत, स्त्री रोगों में 65 प्रतिशत, हाइपरटेंशन से पीड़ितों में पचपन प्रतिशत, आर्थराइटिस में इक्यावन प्रतिशत, डिस्क संबंधी समस्याओं में इकतालीस प्रतिशत रोगियों को लाभ हुआ।

कोयल की आवाज में जादूई शक्ति

mantra also help get rid of diseases

निश्चित ही मंत्र चिकित्सा उन लोगों के लिए तो वरदान ही है जो पुराने और जीर्ण क्रॉनिक रोगों से ग्रस्त हैं। डॉ. ऋषि चैतन्य के अनुसार जब भी कोई व्यक्ति कुछ बोलता है तो उसके बोलने में आवाज का जो स्पंदन और कंपन होता है, वह 175 प्रकार का होता है।

जब कोयल पंचम स्वर में गाती है तो उसकी आवाज में 500 तरह के कंपन होते हैं। अगर कोई व्यक्ति मंत्रपाठ नहीं करे, सिर्फ सुन ही ले तो भी उसके शरीर पर इसका प्रभाव पड़ता है।


उन्होंने मनुष्य की आकृति का छोटा सा यंत्र बनाया और उस आकृति में जगह-जगह कुछ छोटी-छोटी लाइटें लगा दी गईं। लाइट लगाने के बाद देखा गया कि विभिन्न तरह के मंत्रों के पाठ किए जाने पर ध्वनि के अनुसार रोशनी जलती नजर आती थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed