फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Yog-Dhyan ›   jal neti for asthama patients

दमा के मरीज रोज करें जल नेती

Sat, 13 Apr 2013 04:40 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Sat, 13 Apr 2013 04:40 PM IST
विज्ञापन
jal neti for asthama patients

दमा और ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियों में अकसर मरीज हर मौसम में सर्दी और एलर्जी से परेशान रहता है। इनसे स्थायी रूप से छुटकारे के लिए न तो कोई ठोस दवा है और न ही कोई कारगर इलाज। ऐसे में दमा के मरीज अगर हमेशा सुबह के समय जल नेती का अभ्यास करें तो वे हर मौसम में स्वस्थ रहेंगे।

विज्ञापन


ऐसे करें जल नेती
जल नेती करने के लिए नेती का नलीदार बर्तन, नमक और हल्का गर्म पानी होना जरूरी है। इसकी विधि इसप्रकार है

- हल्के गर्म पानी में आधा चम्मच नमक मिलाएं और नेती के बर्तन में भर लें।
- अब नाक के एक छेद में नली से पानी डालें। अगर आपको सर्दी हो रही है तो जो छेद बंद हो उसमें पहले डालें।
- धीरे-धीरे पानी डालें और लंबी सांस न लें। यह पानी नाक के दूसरे छेद से निकलना चाहिए और मुंह खुला रखें।
- अब इस प्रक्रिया को नाक के दूसरे छेद से करें।
- दोनों छेद से यह प्रक्रिया करने के बाद सीधे खड़े हो जाएं।
- गहरी सांस लें और फिर जल्दी-जल्दी कई बार सांस छोड़ें।

कई हैं फायदे
यह न सिर्फ दमा और ब्रोंकाइटिस के मरीजों के लिए फायदेमंद है बल्कि कोई भी व्यक्ति इसे सुबह-सुबह कर सकता है। इसके और भी कई फायदे हैं -

- गर्मियों में यह आपके मस्तिष्क को ठंडक पहुंचाती है जिससे तनाव और थकान तुरंत दूर होते हैं।
- साइनस के संक्रमण भी यह क्रिया बहुत फायदेमंद है।
- कान से संबंधित रोग या संक्रमण से भी यह बचाव करती है।
- इसे रोज करने से एकाग्रता बढ़ती है।
- माइग्रेन के दर्द में भी जल नेती से राहत मिलती है।

अगर आप रोज सही तरीके से जल नेती करते हैं तो इससे आप कई रोगों से दूर भी रहेंगे और दिन भर तरोताजा महसूस करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed