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वैज्ञानिकों ने चेताया, ईश्वरीय कण से प्रलय आ सकती है

Tue, 09 Sep 2014 03:23 PM IST
Updated Tue, 09 Sep 2014 03:23 PM IST
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god particle could destroy the universe warns hawking

दो ढाई साल पहले स्विटजरलैड की सर्न प्रयोगशाला में एक कण का पता लगा था तो वैज्ञानिक और विज्ञान की तुलना में रहस्यवाद को तरजीह देने वाले ईश्वरवादियों दोनों की बांछे खिल गई थी। विज्ञानवादियों को इसलिए कि दुनिया में होती रहने वाली उलटफेर के लिए एक सुनिश्चित कारण मिल गया है।

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आस्थावादियों का कहना था कि अब विज्ञान भी इस नतीचे पर पहुंच रहा है कि दुनिया में होते रहने वाले बदलाव की व्याख्या करने में फिलहाल विज्ञान असमर्थ है और कहीं न कहीं वह भी सर्वशक्तिमान कण में आस्था रखने के पक्ष में मौन है या कोई प्रश्नचिह्न नहीं लगा रहा।
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हिग्स कण के सिध्दांत से परिचित कराने वाले ब्रिटिश भौतिक वैज्ञानिक प्रो.पीटर हिग्स दुखी हुए कि लोग इस कण को ईश्वर कह रहे हैं। अज्ञानतावश धार्मिक लोग इसे ईश्वरीय कण कहकर प्रचारित कर रहे हैं।
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प्रयोगशाला में जब इस सिद्धांत को प्रयोग परीक्षण के तौर पर सही पाया गया तो उस कण का नाम रखा गया हिग्स बोसान। हिग्स खुद प्रोफेसर पीटर हिग्स के नाम पर था और बोसान भारतीय वैज्ञानिक सत्येन्द्र नाथ बोस और अलर्बट आईस्टीन के नाम (बोस+आन) पर।

इस तरह यह कण प्रलय ला सकता है

god particle could destroy the universe warns hawking

विज्ञान जगत की जानीमानी हस्तियों और बुद्धिजीवियो ने हिग्स बोसान सिद्धांत को ईश्वर से जोड़ने पर हाय तौबा मचाई। ईश्वर के अस्तित्व को नकारने में अब अड़चन दूर होती दिखाई दी पर दो दिन पहले ब्रिटेन के भौतिकशास्त्री स्टीफन हॉकिंग ने आगाह किया कि दो साल पहले जिस मायावी कण हिग्स बोसान कण या गॉड पार्टिकल के बारे में पता चला था वह समूचे ब्रह्मांड को बरबाद करने की क्षमता रखता है।

हांकिग के अनुसार अत्यंत उच्च ऊर्जा स्तर पर हिग्स बोसोन लुढ़कने लग सकता है और नौबत आ सकती है कि दुनिया तबाह हो जाए। उसके लिए किसी स्थान पर शून्य का एक बुलबुला फटना शुरु होगा। यह प्रक्रिया प्रकाश की गति से फैलेगी और ब्रह्मांड प्रलय के दौर से गुजरेगा। कह नहीं सकते कि यह स्थिति कब आएगी पर इस के खतरे को नजरअंदाज नहीं कर सकते है। हॉकिंग ने बहरहाल तुरंत ऐसा होने की संभावना से इनकार किया है।

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