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प्राणायाम के बहुत हैं फायदे, जानेंगे तो रोज करेंगे

Fri, 18 Mar 2016 01:09 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 18 Mar 2016 01:09 PM IST
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benefits of pranayama or breathing exercises
- फोटो : getty

लोग अपने आप को फिट रखने क्या कुछ नहीं करते, कुछ तो स्वास्थ्य के लिए लाखों रुपए भी खर्च करने को तैयार रहते हैं। लेकिन स्वस्‍थ रहने के लिए प्राणायाम एक ऐसा साधन है जो मुफ्त में ही कई बीमारियों को खत्म करता है।

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प्राणायाम संकृत भाषा के दो शब्दों प्राण और आयाम से मिलकर कर बना है। प्राण का अर्थ जीवनशक्ति या सांस और आयाम का अर्थ नियंत्रण होता है। अपनी सांसों को नियंत्रण करना ही प्राणायाम है।
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चूंकि हमारे शरीर के हर अंग में वायु सूक्ष्म रूप में विद्यमान है इसलिए प्रत्येक अंग के हर भाग को सही मात्रा में वायु पहुंचाने के लिए हम प्राणायाम करते हैं। प्राणायाम के कई प्रकार हैं जो अलग-अलग तरह की बीमारियों में फायदेमंद हैं। आगे जानें कुछ प्राणायाम और उनके फायदे।

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सुख प्राणायामः

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सुख प्राणायाम: सुखासन में बैठकर इस तरह से सांस लें कि हवा आपके पेट में भरे और सांस छोड़ते वक्त पेट खाली हो। सांस लेने की गति स्वाभाविक होनी चाहिए। यह प्रक्रिया थोड़ी देर तक दुहराएं।

फायदे- इस प्राणायाम के करने से शरीर और मस्तिष्क को काफी आराम पहुंचता है। तंत्रिका तंत्र और श्वसन तंत्र मजबूत होता है और एकाग्रता बढ़ाता है। इससे मस्तिष्क का तनाव, डिप्रेशन और हाइपरटेंशन खत्म होता है।

भस्त्रिका व इसके फायदे

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भस्त्रिका प्राणायाम में योगासन या किसी भी आरामदायक स्थित में बैठकर अनुलोम-विलोम यानी दाईं और बाई नाम नाक से बारी-बारी से सांस लेने को भस्त्रिका कहते हैं। इसे करते वक्त आपका ध्यान आपकी सांसों पर होना चाहिए।

फायदे- यह श्वसनतंत्र और फेफड़ों को स्वस्‍थ रखने के लिए बहुत ही बढ़िया प्राणायाम है। इससे पाचनतंत्र बेहतर होता और पेट की चर्बी को कम करने में भी मदद करता है।

कपालभाति व इसके फायदे

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इस प्राणायाम को आराम दायक स्थित में बैठकर इस प्रकार से दोनों नाक से ऐसे सांस लें कि आपका पेट फूले और फिर उसे पेट के झटके के साथ सांस बाहर निकालें। सांस लेने और छोड़ने झटके एक मिनट में 80 से 100 बार तक हो सकते हैं।

फायदे- इस प्राणायाम से शरीर की एक-एक कोशिका सफाई होती है। इससे दिमाग के अगले हिस्से में ताजगी आती है। कपालभाति अस्‍थ्मा, शुगर और अन्य गंभीर बीमारियों में फायदेमंद है।

भ्रमरी व इसके फायदे

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इस प्राणायाम को ध्यानमुद्रा में सीधे बैठकर दोनों नाक से गहरी सांस लेते हैं और फिर दोनों हाथों से आंखों और कानों को बंद कर ओइम जैसी ध्‍वनि निकालते हुए सांस छोड़ते हैं। इससे तरंगे आपके दिमाग को अनुभव होती हैं। इसी प्र‌क्रिया को ‌कुछ छणों तक दुहराएं।

फायदे- भ्रमरी गायकों की आवाज सुधारने के लिए अच्छा साधन है। इससे दिमाग तनावमुक्त होता है और शांति का अनुभव होता है। गर्भवती महिलाओं के लिए भी यह लाभदायक है।

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