सफलता हासिल करने के लिए आपकी तैयारी पूरी होनी चाहिए
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सुमन की कहानी, जिसे उसकी मां ने शेर के बच्चे के बारे में बताते हुए कहा कि हर चीज का एक समय होता है।
सुमन स्कूल से लौटकर घर में घुसी ही थी कि मां ने पूछा, क्या बात है? आज इतनी गुमसुम क्यों हो? सुमन बोली, मां आज स्कूल में एक बड़े आर्किटेक्ट आए थे। मां बोली, तो इसमें दुखी होने वाली बात क्या है? सुमन बोली, उन्होंने बताया कि वह भी बचपन से बहुत अच्छे चित्र बनाया करते थे, जैसे मैं बनाती हूं।
वह भी अपने माता-पिता से छिप-छिपकर रंगों के सेट खरीद कर इकट्ठा किया करते थे। एक दिन उन्होंने ऐसा सुंदर चित्र बनाया, जो उनकी टीचर को बेहद पसंद आया। उनके हुनर की हर किसी ने तारीफ की और स्कूल की तरफ से उन्हें स्कॉलरशिप पर शहर के बड़े कॉलेज में आर्किटेक्चर की पढ़ाई के लिए भेजा गया।
वह नामचीन आर्किटेक्ट बन गए। मां ने पूछा, तो इसमें दुखी होने वाली कौन-सी बात है? सुमन बोली, लेकिन मां, मैं अगर कुछ अलग करने की कोशिश करती हूं, तो आप में से कोई मुझे ऐसा नहीं करने देता। क्या मुझमें वह हुनर नहीं है? यह सुनकर मां हंसने लगी और कहा, एक शेर का एक छोटा-सा बच्चा था।
शेर रोज शिकार पर जाता, शिकार करता और उसका सबसे लजीज टुकड़ा अपने बच्चे के लिए लेकर आता। बच्चे ने सोचा, मैं भी तो शेर हूं, क्यों न आज मैं खुद शिकार करूं? वह जब शिकार पर निकला, तो उसे एक बैल दिखाई दिया। उसने सोचा, आज मैं इसी का शिकार करूंगा और वह बैल पर लपक पड़ा।
बैल ने अपनी सींग से ठोकर मारकर शेर के बच्चे को दूर फेंक दिया। शेर दूर खड़ा यह देखता रहा। सुमन ने पूछा, इसका क्या अर्थ हुआ? सुमन की मां बोली, हर माता-पिता हमेशा अपने बच्चे का भला चाहते हैं और उसके हुनर को निखारने के लिए सही समय पर मंच प्रदान करते हैं।
हमें पता है कि तुममें वह हुनर है। पर सफलता के लिए खुद को हर गुण से संपन्न बनाना पड़ता है। यह समय खुद को निखारने-संवारने का है। आज तुम अगर स्वयं को मजबूत कर लोगे, तो कल सफल होने से तुम्हें कोई रोक नहीं सकेगा।
सफलता हासिल करने के लिए अपनी तैयारी पूरी होनी चाहिए।