Guru Purnima 2019 : जानें जीवन में किस गुरु के सत्संग से संवर जाता भाग्य
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष को गुरु पूर्णिमा पर्व के रूप में मनाया जाता है। यह पावन दिन उन पूज्य गुरुओं के प्रति अपनी निष्ठा, प्रेम प्रकट करने का है, जिन्होंने हमें जीवन में सही मार्ग दिखाते हुए प्रगति की ओर अग्रसर किया। वही गुरु जिसका स्थान देवताओं से पहले माना गया है। जिन्हें ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान माना गया है। आइए जानते हैं कि नीति के जानकार और अन्य गुरुओं ने गुरु को लेकर क्या कहा है —
चाणक्य
नीति के बड़े जानकार चाणक्य ने गुरु को लेकर अनमोल बात बताई है। उनके अनुसार जिस गुरु के पास अध्यात्मिक ज्ञान नहीं हो, उसे उसे त्याग देना चाहिए। चाणक्य के अनुसार राष्ट्र द्वारा किए गए पाप को राजा भोगता है, राजा के पाप को उसका पुरोहित, पत्नी के पाप को पति तथा शिष्य के पाप को गुरु भोगता है। चाणक्य के अनुसार घर में आया हुआ अतिथि सभी का गुरु होता है।
क्या है धन, प्यार, नौकरी, मकान, शादी अथवा व्यापार से जुड़ी समस्याओं का समाधान, जानिये हमारे प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से मात्र 99 रुपये में। (विज्ञापन)
महात्मा विदुर
महाभारत काल महात्मा विदुर ने नीति और धर्म से जुड़ी कई अनमोल बातों बताई हैं। उनके अनुसार जीवन में मनुष्य को पिता, माता अग्नि,आत्मा और गुरु समेत इन पांच अग्नियों की बड़े यत्नपूर्वक सेवा करनी चाहिए।
क्या है धन, प्यार, नौकरी, मकान, शादी अथवा व्यापार से जुड़ी समस्याओं का समाधान, जानिये हमारे प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से मात्र 99 रुपये में। (विज्ञापन)
कबीर
कबीरदास जी के अमृत वचन आज सभी धर्म, संप्रदाय एवं मानव मात्र को जीवन की सही राह दिखाने का काम कर रहे हैं। कबीर ने गुरु की महिमा का गुणगान करते हुए उन्हें बार-बार प्रणाम करने को कहा है, क्योंकि सद्गुरु ही शिष्य को अपने समान बना लेते हैं। ठीक उसी तरह जैसे एक कीड़ा भले ही भ्रूंगी (एक प्रकार की मक्खी) को न पहचाने लेकिन भ्रूंगी कीड़े को पकड़कर अपनी तरह बना लेता है।
क्या है धन, प्यार, नौकरी, मकान, शादी अथवा व्यापार से जुड़ी समस्याओं का समाधान, जानिये हमारे प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से मात्र 99 रुपये में। (विज्ञापन)