फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   why iron pot not use in spiritual work

श्राद्घ और पूजा में लोहे का बर्तन इस्तेमाल क्यों नहीं होता?

Sat, 21 Sep 2013 03:15 PM IST
टीम डिजिटल
टीम डिजिटल Updated Sat, 21 Sep 2013 03:15 PM IST
विज्ञापन
why iron pot not use in spiritual work

आपने देखा होगा कि लोग पूजा के लिए तांबा अथवा कांसे के बर्तनों का प्रयोग करते हैं। हलांकि जिनके पास धन होता है वह सोना एवं चांदी के पात्र का भी इस्तेमाल करते हैं। लेकिन लोहे के बर्तनों का प्रयोग पूजा पाठ में करते हुए किसी को नहीं देखा होगा।

विज्ञापन


इन दिनों श्राद्घ पक्ष चल रहा है। आप देखेंगे कि श्राद्घ कर्म करने वाले व्यक्ति भी पितरों को जल देने के लिए तांबा अथवा कांसे के बर्तनों का प्रयोग करते हैं लोहा का इस्तेमाल यहां भी नहीं होता। पण्डित जयगोविंद शास्त्री बताते हैं कि लोहा प्रयोग पूजा या श्राद्घ में इसलिए नहीं होता है क्योंकि लोहा निम्न धातु है इसलिए इसे अशुद्घ माना गया है।
विज्ञापन


सितम्बर महीने के अंतिम सप्ताह का राशिफल
विज्ञापन
विज्ञापन


जबकि सोना-चांदी, तांबा, पीतल और कांसा इन धातुओं को पवित्र और उत्तम माना गया है। इनके अभाव में पत्तल का इस्तेमाल किया जा सकता है। हलांकि श्राद्घ कर्म के लिए पितरों को भोजन देने के लिए केले के पत्ते को वर्जित माना गया है।

यमलोक के मार्ग में कितने भयानक गांव से आत्मा को गुजरना पड़ता है


व्यवहारिक दृष्टि से देखें तो तांबा एवं कांसा उत्तम धातु इसलिए माना गया है क्योंकि मनुष्य ने इस धातु की खोज सबसे पहले की थी। धार्मिक कार्यों में इनका प्रयोग किया जाने लगा था। लोहे की खोज बाद में हुई तब तक समाज में तांबा और कांसा शुद्घ धातु के रूप में मान्यता प्राप्त कर चुका था और लोग इसे पारंपरिक तौर पर प्रयोग करने लगे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed