अच्छा तो कलयुग में महावीर हनुमान जी यहां रहते हैं?
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शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि कुछ ऐसी आत्माएं हैं जिन्हें चिरंजीवी होने का वरदान प्राप्त है। इनमें एक नाम महावीर हनुमान जी का भी है। भगवान राम से वरदान पाने के कारण हनुमान जी अमर हो गए। तुलसीदास जी ने कलियुग में हनुमान जी की मौजूदगी का उल्लेख किया है और बताया है कि हनुमान जी की कृपा से ही उन्हें राम लक्ष्मण जी के दर्शन प्राप्त हुए।
कलियुग में हनुमान जी यहां रहते हैं
राम जी से अमरता का वरदान पाने के बाद हनुमान जी ने अपना निवास उस स्थान को चुना जो पवित्र और ईश्वरीय कृपा प्राप्त हो। श्रीमद् भगावत् पुराण में बताया गया है कि ऐसा पवित्र स्थान गंधमादन पर्वत है। यहीं पर राम जी के दुलारे और कलियुग में धर्म के रक्षक हनुमान जी निवास करते हैं।
कहां है गंधमादन पर्वत
शास्त्रों में बताया गया है कि गंधमादन पर्वत कैलास पर्वत के उत्तर में स्थित है। इस पर्वत पर महर्षि कश्यप ने तपस्या की थी। इस पर्वत पर गंधर्व, किन्नरों, अप्सराओं और सिद्घ ऋषियों का निवास है। इस पर्वत के शिखर पर किसी वाहन से पहुंचना असंभव माना जाता है।