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जानिए नागिन कब और कैसे गर्भ धारण करती है?

Tue, 15 Jul 2014 04:54 PM IST
Updated Tue, 15 Jul 2014 04:54 PM IST
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when and how snake pregnant nag panchami

हिन्दू धर्म में नागों को देवता माना गया है और इनकी पूजा का विधान है। पंचमी का दिन नागों की पूजा के लिए शुभ माना गया है। इनमें सावन कृष्ण पंचमी और सावन शुक्ल पंचमी और भाद्र शुक्ल पंचमी का दिन उत्तम है।

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इस वर्ष 16 जुलाई बुधवार को श्रावण कृष्ण पंचमी तिथि है। इस दिन राजस्थान, बिहार, बंगाल सहित देश के कई भागों में नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाएगा। इस मौके पर जानिए नागों से जुड़ी कुछ रहस्यमयी बातें।
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नाग के जीवन से जुड़ा राज जानिए

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नाग का जीवन काल 120 वर्ष का होता है। जो नाग समय से पहले जन्म ले लेते हैं उनकी आयु कम होती है। ऐसे नाग का विष भी अधिक तेज नहीं होता है। अगर सब कुछ अनुकूल रहा तब ऐसे नाग करीब 75 वर्ष तक जीवित रह सकते हैं।

यहां सब कुछ अनुकूल रहने से मतलब है कि नाग को अगर मोर, चकोर, मनुष्य, नेवला, बिच्छू, बिल्ली, शूअर ना मारे या गाय, भैंस, घोड़ा, ऊंट के खुर से दब कर इनकी मृत्यु नहीं हो जाए तो यह अपना पूर्ण जीवन जीते हैं। भविष्य पुराण में नागों की मृत्यु का यही कारण बताया गया है।

नागिन कैसे कब और कैसे गर्भवती होती है

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भविष्य पुराण में बताया गया है कि ज्येष्ठ और आषाढ़ मास में सांपों को मद होता है, यानी इस समय इनमें यौन इच्छा प्रबल होती है। इसी समय नाग-नागिन मैथुन करते हैं।

वर्षा ऋतु के चार महीने में नागिन गर्भ धारण करती है और कार्तिक मास में दो सौ चालिस अंडे देती है। इनमें से प्रतिदिन कुछ अंडों को नागिन स्वयं खाने लगती है। इनमें कुछ एक लुढक कर इधर उधर हो जाते हैं उन्हीं अंडों से संपोले का जन्म होता है।


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संपोले कब बनते हैं जहरीले?

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संपोले के दांत सात दिनों के बाद उग आते हैं। विष दंत में 21 दिनों के बाद विष बनना शुरू हो जाता है और जन्म के 25 दिनों के बाद संपोला जहरीला नाग बन जाता है जो अपने विष से किसी के भी प्राण ले सकता है।

छह महीने का होने के बाद यह केंचुली बदलता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि रेंग रेंग कर चलने वाले सांप के भी पांव होते हैं उनके पैरों की संख्या 240 होती है।

लेकिन यह पैर रोएं के समान होते हैं और जब चलना होता है तभी जमीन पर टिकते हैं। सामान्य स्थिति में नाग इन्हें समेट लेता है।

नाग को दूध क्यों चढ़ाते हैं, यह परंपरा कैसे शुरू हुई

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