फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   watching moon through sieve on karvachauth

क्यों देखते हैं करवाचौथ पर छलनी से चांद

Thu, 01 Nov 2012 02:02 PM IST
राकेश/इंटरनेट डेस्क।
राकेश/इंटरनेट डेस्क। Updated Thu, 01 Nov 2012 02:02 PM IST
विज्ञापन
watching moon through sieve on karvachauth
करवाचौथ व्रत का
विज्ञापन
नियम है कि विवाहित स्त्रियों को सोलह ऋंगार करके गौरी, गणेश और भगवान शिव सहित करवा माता की पूजा करनी चाहिए। इस व्रत में करवा माता की कथा सुनना भी आवश्यक है। व्रत के नियम के अनुसार व्रती को पूरे दिन निर्जल व्रत रखना होता है। शाम में चांद को देखने के बाद पति के हाथों से जल ग्रहण करके व्रत खोला जाता है।

किसी कारणवश पति के पास नहीं होने पर पति की तस्वीर को देखकर और उनका ध्यान करके भी व्रत खोला जाता है। लेकिन इस पूरे व्रत में छलनी का विशेष महत्व है। अमीर हो या गरीब हर वर्ग की महिलाएं इस व्रत में छलनी जरूर खरीदती हैं। शाम ढलने पर इसी छलनी की ओट से चांद देखकर व्रत पूरा होता है।

करवाचौथ व्रत में छलनी का महत्व इसलिए है क्योंकि छलनी के कारण ही एक पतिव्रता स्त्री का व्रत टूटा था। करवाचौथ की कथा के अनुसार भावुकता में आकर भाईयों ने अपनी बहन को छल से चांद की जगह छलनी की ओट से दिया दिखाकर भोजन करवा दिया। झूठा चांद देखकर भोजन करने के कारण पतिव्रता स्त्री को अपना पति खोना पड़ा। इसके बाद पूरे वर्ष उस स्त्री ने चतुर्थी तिथि का व्रत रखा। पुनः करवाचौथ को छलनी से वास्तविक चांद देखने के बाद पतिव्रता स्त्री को पति प्राप्त हुआ। 

छलनी का एक अर्थ छल करने वाला होता है। इसलिए महिलाएं स्वयं अपने हाथ में छलनी लेकर चांद देखती है ताकि कोई अन्य उसे झूठा चांद दिखाकर व्रत भंग न करे। करवा चौथ में छलनी लेकर चांद को देखना यह भी सीखाता है कि पतिव्रत का पालन करते हुए किसी प्रकार का छल उसे प्रतिव्रत से डिगा न सके।

करवा चौथ की जितनी भी कथाएं हैं उन सभी कथाओं में भाई द्वारा छलनी से झूठे चांद को दिखाने का वर्णन मिलता है। उस घटना को याद करने के लिए भी महिलाएं करवाचौथ का व्रत छलनी से चांद देखकर ही खोलती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed