देवी लक्ष्मी के शाप से विष्णु को यह कैसा अवतार लेना पड़ गया
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शास्त्रों में लिखा है कि भगवान विष्णु के दस अवतार होंगे। इनमें अबतक नौ अवतार हो चुके हैं। दसवें अवतार की अब प्रतीक्षा जो कल्कि अवतार कहलाएगा।
भगवान विष्णु के दस अवतारों में एक अवतार ऐसा है जो भगवान विष्णु को देवी लक्ष्मी के शाप के कारण लेना पड़ा था। इस अवतार के विषय में देवी भागवत् पुराण में जो कथा मिलती है उसे पढ़कर आप हैरान रह जाएंगे।
देवी लक्ष्मी ने दिया विष्णु को शाप
एक समय भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी बैकुण्ठ में विराजमान थे। उस समय देवी लक्ष्मी के सुंदर रूप को देखकर भगवान विष्णु मुस्कुराने लगे। देवी लक्ष्मी को लगा कि भगवान विष्णु उनके सौन्दर्य की हंसी उड़ा रहे हैं।
देवी ने इसे अपना अपमान समझ लिया और भगवान विष्णु को शाप दे दिया कि आपका सिर धड़ से अलग हो जाए।
और भगवान विष्णु का सिर कटकर धड़ से अलग हो गया
इस शाप का परिणाम यह हुआ कि एक बार भगवान विष्णु युद्घ करते हुए बहुत थक गए तो धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाकर उसे धरती पर टिका दिया और उस पर सिर लगाकर सो गए।
कुछ समय बाद जब देवाताओं ने यज्ञ का आयोजन किया तो भगवान विष्णु को निद्रा से जगाने के लिए धनुष की प्रत्यंचा कटवा दिया। प्रत्यंचा कटते ही उसने भगवान विष्णु के गर्दन पर प्रहार हुआ और भगवान का सिर धड़ से अलग हो गया।
इस तरह हुआ भगवान का यह अद्भुत अवतार
इसके बाद आदिशक्ति का देवताओं ने आह्वान किया। देवी ने बताया कि आप भगवान विष्णु के धड़ में घोड़े का सिर लगवा दें। देवताओं ने विश्वकर्मा के सहयोग से भगवान विष्णु के धड़ में घोड़े का सिर जोड़ दिया और यह अवतार हयग्रीव अवतार कहलाया।
इस अवतार में भगवान विष्णु ने हयग्रीव नाम के ही एक दैत्य का वध किया था जिसे देवी से यह वरदान प्राप्त हुआ था कि उसकी मृत्यु केवल उसी व्यक्ति के हाथों से हो सकती है जिसका सिर घोड़े का हो और शरीर मनुष्य का। इस तरह भगवान विष्णु का यह अवतार लेना सफल हुआ।