फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Vat Savitri Amavasya fast

पति से किया इतना प्यार कि होने लगी पूजा

Thu, 29 May 2014 05:59 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 29 May 2014 05:59 PM IST
विज्ञापन
Vat Savitri Amavasya fast

ज्येष्ठ मास की अमावस्या के दिन यमराज को एक ऐसी स्त्री से हार माननी पड़ी थी जो अपने पति को ही भगवान मानकर उसकी सेवा करती थी। उस स्त्री का नाम है सावित्री और इनके पति का नाम है सत्यवान। इन दोनों की प्रेम कथा ऐसी है जो संसार में सभी प्रेमियों के लिए आदरणीय और पूजनीय है।

विज्ञापन


इनके प्रेम और समर्पण को याद करके आज भी सुहागन स्त्रियां हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या को वट सावित्री का व्रत रखकर इनकी पूजा करती हैं। सुहागन स्त्रियां प्रार्थना करती हैं कि उन्हें भी ऐसी शक्ति और आशीर्वाद प्राप्त हो कि वह अपने पति के प्रति समर्पित हो सके और उनके पति की आयु लंबी हो।
विज्ञापन


यह व्रत पूजन इस वर्ष बुधवार 28 मई को है। सावित्री और सत्यवान की कथा का जो उल्लेख मिलता है उसके अनुसार ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि के दिन यमराज ने सत्यवान के प्राण छीन लिए। लेकिन प्रेम और पति के प्रति समर्पण की शक्ति से सावित्री ने यमराज को ऐसा उलझा दिया कि यमराज को सत्यवान के प्राण लौटाने पड़े। यमराज ने सावित्री को एक चना दिया और कहा इसे ले जाकर अपने मृत पति के मुंह में डाल दो, वह जीवित हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


सावित्री ने ठीक वैसा ही किया जैसा यमराज ने कहा था। चना मुंह में डालते ही सत्यवान जीवित हो उठा और सौ वर्षों तक सावित्री ने पति के साथ गृहस्थ जीवन बिताया। इसलिए वटसावित्री व्रत में प्रसाद के तौर पर चना अर्पित किया जाता है और यह प्रसाद पत्नी अपने पति को खिलाती है ताकि पति दीर्घायु हो।


सावित्री के साथ सुहागन स्त्रियां इस व्रत में वट वृक्ष की भी पूजा करती है। इसके पीछे यह कारण माना जाता है कि जब यमराज सत्यवान के प्राण ले कर जा रहे थे और सावित्री यमराज के पीछे-पीछे चल रही थी उस समय हिंसक जीवों से सत्यवान के मृत शरीर को बचाने के लिए वट वृक्ष ने अपनी शाखाओं का घेरा बनाकर सुरक्षा प्रदान किया था। इसलिए इस व्रत में वट वृक्ष भी पूजनीय माना जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed