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आस्था: देश के इन मंदिरों में आज भी महिलाओं का प्रवेश करना वर्जित, जानिए कौन-कौन से हैं ये मंदिर
Tue, 07 Feb 2023 10:21 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 07 Feb 2023 10:21 AM IST
सार
देश में कई ऐसे मंदिर हैं जहां पर महिलाओं का प्रवेश करना वर्जित माना जाता है।
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देशभर में कई ऐसे मंदिर हैं जहां पर आज भी महिलाओं का प्रवेश करना वर्जित माना जाता है।
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विस्तार
भारत में आज भी कहीं न कहीं महिला-पुरुषों के अधिकारों में भेदभाव देखने को मिलता है। देश में ऐसे कई संस्थान और धार्मिक स्थलों पर महिला को उतना अधिकार नहीं मिला है जितना मिलना चाहिए। जिस तरह से भारत के संविधान में महिला और पुरुषों दोनों को ही समान अधिकार दिए गए हैं। उसी तरह से भगवान के घर में सभी को बराबर का अधिकार प्राप्त है लेकिन देश में ऐसे कई मंदिर आज भी है जहां पर महिलाओं के प्रवेश करना वर्जित माना जाता है। किसी महिला के महावारी के दौरान मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति कई मंदिरों में आज भी नहीं है। देशभर में कई ऐसे मंदिर हैं जहां पर आज भी महिलाओं का प्रवेश करना वर्जित माना जाता है।
1- पद्मनाभस्वामी मंदिर, केरल
केरल राज्य के पद्मनाभस्वामी मंदिर की गिनती देश के सबसे धनी मंदिरों में होती है। इस मंदिर में भगवान के दर्शन करने के लिए देश-विदेश के लोग बड़ी संख्या में यहां आते हैं। ऐसी मान्यता है कि सबसे पहले भगवान विष्णु की प्रतिमा इसी स्थान पर मिली थी। इस मंदिर में महिलाएं भगवान विष्णु की पूजा तो कर सकती हैं लेकिन मंदिर के गर्भगृह समेत कुछ जगहों पर नहीं जा सकती हैं। इस मंदिर में महिलाओं और पुरुषों के लिए ड्रेस कोड तय किए गए हैं।
2- जैन मंदिर, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के गुना में एक जैन मंदिर है। इस मंदिर के मुख्य देवता भगवान शांतिनाथ हैं। इस मंदिर का निर्माण सन 1236 में किया गया था। इस जैन मंदिर में कोई भी महिला या लड़की विदेशी परिधान और मेकअप के साथ प्रवेश नहीं कर सकती है।
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3-कार्तिकेय मंदिर, राजस्थान
राजस्थान राज्य के पुष्कर शहर में एक भगवान कार्तिकेय का मंदिर है जहां पर महिलाओं का प्रवेश करना पूरी तरह से वर्जित होता है। इस मंदिर में भगवान कार्तिकेय के ब्रह्राचारी रूप की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस मंदिर में महिलाओं के प्रवेश करने पर कुमार कार्तिकेय नाराज हो जाते हैं। क्योंकि यहां अप्सराओं ने तपस्या कर रहे कार्तिकेय को विचलित करने का प्रयास किया था।
4- सबरीमाला मंदिर, केरल
हाल ही में सबरीमाला मंदिर का नाम काफी सुर्खियों में था। सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश करने की अनुमति दे दी है। लेकिन आज भी इस मंदिर में महिलाओं का प्रवेश वर्जित है। इस मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं है। इस मंदिर में साल के दो बार 14 जनवरी और 15 नवंबर को मंदिर के पट खुलते हैं। इसमें भक्त 41 दिनों तक व्रत रखते हुए नंगे पैर मंदिर में दर्शन करने के लिए जाते हैं।
5- मावली मंदिर, हिमाचल प्रदेश
हिमाचल के धमतरी से 5 किलोमीटर की दूरी पर मावली माता का एक मंदिर है। इस मंदिर में महिलाएं प्रवेश नहीं करती हैं। मंदिर के द्वार से ही पूजा करती है। इसके पीछे मान्यता है कि माता ने सपने में बताया था कि वह कुंवारी है इसलिए उनके मंदिर में महिलाएं न प्रवेश करें।
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1- पद्मनाभस्वामी मंदिर, केरल
केरल राज्य के पद्मनाभस्वामी मंदिर की गिनती देश के सबसे धनी मंदिरों में होती है। इस मंदिर में भगवान के दर्शन करने के लिए देश-विदेश के लोग बड़ी संख्या में यहां आते हैं। ऐसी मान्यता है कि सबसे पहले भगवान विष्णु की प्रतिमा इसी स्थान पर मिली थी। इस मंदिर में महिलाएं भगवान विष्णु की पूजा तो कर सकती हैं लेकिन मंदिर के गर्भगृह समेत कुछ जगहों पर नहीं जा सकती हैं। इस मंदिर में महिलाओं और पुरुषों के लिए ड्रेस कोड तय किए गए हैं।
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2- जैन मंदिर, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के गुना में एक जैन मंदिर है। इस मंदिर के मुख्य देवता भगवान शांतिनाथ हैं। इस मंदिर का निर्माण सन 1236 में किया गया था। इस जैन मंदिर में कोई भी महिला या लड़की विदेशी परिधान और मेकअप के साथ प्रवेश नहीं कर सकती है।
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3-कार्तिकेय मंदिर, राजस्थान
राजस्थान राज्य के पुष्कर शहर में एक भगवान कार्तिकेय का मंदिर है जहां पर महिलाओं का प्रवेश करना पूरी तरह से वर्जित होता है। इस मंदिर में भगवान कार्तिकेय के ब्रह्राचारी रूप की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस मंदिर में महिलाओं के प्रवेश करने पर कुमार कार्तिकेय नाराज हो जाते हैं। क्योंकि यहां अप्सराओं ने तपस्या कर रहे कार्तिकेय को विचलित करने का प्रयास किया था।
4- सबरीमाला मंदिर, केरल
हाल ही में सबरीमाला मंदिर का नाम काफी सुर्खियों में था। सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश करने की अनुमति दे दी है। लेकिन आज भी इस मंदिर में महिलाओं का प्रवेश वर्जित है। इस मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं है। इस मंदिर में साल के दो बार 14 जनवरी और 15 नवंबर को मंदिर के पट खुलते हैं। इसमें भक्त 41 दिनों तक व्रत रखते हुए नंगे पैर मंदिर में दर्शन करने के लिए जाते हैं।
5- मावली मंदिर, हिमाचल प्रदेश
हिमाचल के धमतरी से 5 किलोमीटर की दूरी पर मावली माता का एक मंदिर है। इस मंदिर में महिलाएं प्रवेश नहीं करती हैं। मंदिर के द्वार से ही पूजा करती है। इसके पीछे मान्यता है कि माता ने सपने में बताया था कि वह कुंवारी है इसलिए उनके मंदिर में महिलाएं न प्रवेश करें।