फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   story of kanyakumari tirth

नारद ने यह क्या किया कुंवारी रह गई वह कन्या

Tue, 08 Apr 2014 02:58 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली।
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली। Updated Tue, 08 Apr 2014 02:58 PM IST
विज्ञापन
story of kanyakumari tirth

यह कहानी है उस कन्या की जिसने भगवान शिव को पति रुप में पाने के लिए घोर तपस्या की। भगवान शिव ने विवाह करने का वरदान भी दिया और एक दिन बारात लेकर शिवजी विवाह करने निकल भी पड़े।

विज्ञापन


लेकिन नारद ने शुचीन्द्रम नामक स्थान पर भगवान शिव को ऐसा उलझाया कि विवाह का मुहूर्त निकल गया। मान्यता है कि इस कन्या को कलयुग के अंत तक शिव जी से विवाह के लिए अब इंतजार करना होगा।
विज्ञापन


पढ़ें,शादी के बाद खुलेगी किस्मत, पैर के नाखून देखकर चुनें जीवनसाथी


ऐसी मान्यता है कि कुंवारी नामक यह कन्या आदिशक्ति के अंश से उत्पन्न हुई थी। इनका जन्म वाणासुर नामक असुर का वध करने के लिए हुआ था। इस असुर ने कुंवारी कन्या के हाथों मृत्यु पाने का वरदान प्राप्त किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


देवी का विवाह हो जाने पर वाणासुर का वध नहीं हो पाता इसलिए देवताओं के कहने पर नारद जी ने शिव जी और कुंवारी नामक कन्या के विवाह में बाधक बनने का काम किया।

पढ़ें,ऐसे सपने आएं तो बड़ा अपशगुन होता है, करें यह उपाय


जहां देवी का विवाह होना था वह वर्तमान में कन्याकुमारी तीर्थ कहलाता है। देवी के कुंवारी रह जाने के कारण ही इस स्थान का यह नाम कन्याकुमारी पड़ा। यहां आज भी अक्षत, तिल, रोली आदि रेत के रुप में मिलते हैं।


कहते हैं यह उसी अक्षत, तिल और रोली के अंश जो भगवान शिव और कुंवारी नामक कन्या के विवाह के लिए थे। विवाह नहीं होने पर विवाह सामग्री को समुद्र में फेंक दिया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed