फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   story of bhakt sursuri ji

जब उस स्त्री की लाज बचाने सिंह बनकर आए भगवान

Tue, 25 Mar 2014 08:39 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली / टीम डिजिटल
अमर उजाला, दिल्ली / टीम डिजिटल Updated Tue, 25 Mar 2014 08:39 AM IST
विज्ञापन
story of bhakt sursuri ji

धर्म ग्रंथों और शास्त्रों में बताया गया है कि अगर सच्ची भक्ति और सत्य और तप का पालन करें तो भक्त की रक्षा स्वयं भगवान करते हैं। यह बात भगवान ने द्रौपदी की लाज बचाकर साबित किया था।

विज्ञापन


द्रौपदी की ही तरह भगवान ने अपनी इस भक्तिनी की भी लाज बचाई थी जो अपने पति के साथ वन में तपस्या के लिए आई हुई थी। इस भक्तिनी का नाम था 'श्री सुरसुरी जी'।
विज्ञापन


इनके अनुपम सौन्दर्य को देखकर कुछ दुष्ट विचार वाले लोगों का मन दूषित हो गया और काम से पीड़ित होकर सुरसुरी जी के सतीत्व को नष्ट करने की ताक में रहने लगे। एक दिन जब इनके पति सुरसुरानंद जी वन में फूल और लकड़ियां लेने गए तो दुष्टों को अच्छा मौका मिल गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह सीधे सुरसुरी जी के सामने कुटिया में पहुंच गए। दुष्टों ने अपनी बातों से सुरसुरी जी को बहलाने का प्रयास किया लेकिन, इनकी मनोभावना समझकर सुरसुरी जी ने भगवान राम का स्मरण करना शुरु कर दिया।

इतने में चमत्कार हुआ कि दुष्टों को सुरसुरी जी जगह आंख लाल किए हुए सिंहनी नजर आने लगी। दुष्ट जान बचाकर भाग खड़े हुए। और सती का सतीत्व कायम रहा।

इस कथा का उल्लेख गोरखपुर से प्रकाशित कल्याण पत्रिका में किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed