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Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Sri Yantra is a part of Goddess Lakshmi know how it came into existence and the benefits

Sri Yantra Remedies: माता लक्ष्मी का ही अंश है श्री यंत्र, जानिए कैसे हुई है उत्पत्ति और घर में रखने के लाभ

Sat, 05 Apr 2025 12:41 PM IST
दीक्षा पाठक धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीक्षा पाठक Updated Sat, 05 Apr 2025 12:41 PM IST
सार

Sri Yantra Tips: आज की इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि अगर आप वास्तु दोष से परेशान हैं तो घर में श्री यंत्र की स्थापना कर सकते हैं। कहा जाता है कि श्री यंत्र में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास होता है। इससे निकलने वाली ऊर्जा घर की नकारात्मकता को हटाकर शुद्ध और पवित्र वातावरण बनाती है।

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Sri Yantra is a part of Goddess Lakshmi know how it came into existence and the benefits
लक्ष्मीजी का ही अंश है श्री यंत्र - फोटो : freepik.com

विस्तार

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्री यंत्र को कलयुग में कामधेनु के समान माना गया है। यानी ऐसा यंत्र जो हर मनोकामना पूर्ण कर सकता है। इसकी स्थापना और पूजा से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और जीवन में सुख, शांति, धन और चारों पुरुषार्थ प्राप्त होते हैं। शास्त्र कहते हैं कि जहां श्री यंत्र की पूजा विधि पूर्वक होती है, वहां अष्ट लक्ष्मी का वास होता है और घर में हमेशा देवी की कृपा बनी रहती है। तो आज की इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि अगर आप वास्तु दोष से परेशान हैं तो घर में श्री यंत्र की स्थापना कर सकते हैं। कहा जाता है कि श्री यंत्र में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास होता है। इससे निकलने वाली ऊर्जा घर की नकारात्मकता को हटाकर शुद्ध और पवित्र वातावरण बनाती है। आइए जानते हैं।

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कैसे हुई श्री यंत्र की उत्पत्ति
श्री यंत्र की शुरुआत की कहानी ऐसी है कि एक बार आदि शंकराचार्य ने कैलाश मानसरोवर के पास घोर तप किया और भगवान शिव को प्रसन्न किया। जब शिवजी प्रकट हुए और वर मांगने को कहा, तब शंकराचार्य ने संपूर्ण विश्व के कल्याण का उपाय मांगा। भगवान शिव ने उन्हें श्री यंत्र और श्री सूक्त के मंत्र प्रदान किया था।
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क्या है इससे जुड़ी कथा
एक बार की बात है, जब देवी लक्ष्मी पृथ्वी से रूठकर वैकुण्ठ लौट गईं। उनके जाते ही धरती पर दरिद्रता, अशांति और कठिनाइयां बढ़ गईं। महर्षि वशिष्ठ और भगवान विष्णु ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। तब देवगुरु बृहस्पति ने एक समाधान सुझाया और वह था श्री यंत्र की पूजा। जैसे ही यंत्र की विधि पूर्वक आराधना हुई, लक्ष्मी जी तुरंत प्रकट हुईं और कहा, "श्री यंत्र मेरा आधार है, इसमें मेरी आत्मा का वास है। इसलिए मुझे लौटना ही पड़ा।"
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 श्री यंत्र के क्या हैं लाभ?
 श्री यंत्र घर में रखने से घर में अष्ट लक्ष्मी का वास होता है। व्यापार और करियर में तरक्की मिलती है। साथ ही आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। यही नहीं, पारिवारिक जीवन में प्रेम और शांति आती है। वास्तु दोष खुद समाप्त हो जाते हैं। घर में सुख-शांति बनी रहती है और आपस में प्रेम बना रहता है।

 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 


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