फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   sawan 2023 fact and story about five daughters of lord shiva and mata parvati

Sawan 2023: कौन है भगवान शिव की 5 पुत्रियां जिसके बारे में मां पार्वती भी थीं अनजान

Tue, 08 Aug 2023 12:04 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Tue, 08 Aug 2023 12:04 PM IST
सार

शिव परिवार में आप भगवान शिव, माता पार्वती और उनके दो पुत्र गणेश और कार्तिकेय एवं उनके गण नंदी के बारे में जानते हैं। लेकिन क्या आपको पता है भगवान शिव की पांच और बेटियां भी थीं, जिनका जन्म अनजाने में ही हो गया।

विज्ञापन
sawan 2023 fact and story about five daughters of lord shiva and mata parvati
भगवान शिव का परिवार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Sawan 2023: सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। सावन माह का हर दिन शिव भक्तों के लिए फलदायी होता है। इस पावन महीने में भगवान शिव अपने परिवार समेत पृथ्वी पर आते हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाओं को पूरा करते हैं। शिवालयों में भगवान भोलेनाथ समेत पूरे परिवार का अभिषेक किया जाता है। शिव परिवार में आप भगवान शिव, माता पार्वती और उनके दो पुत्र गणेश और कार्तिकेय एवं उनके गण नंदी के बारे में जानते हैं। लेकिन क्या आपको पता है भगवान शिव की पांच और बेटियां भी थीं, जिनका जन्म अनजाने में ही हो गया। आइए जानते हैं भगवान शिव और माता पार्वती की 5 पुत्रियों के बारे में...

विज्ञापन


ऐसे हुआ भगवान शिव की कन्याओं का जन्म
कथा के अनुसार, एक बार भगवान शिव और माता पार्वती सरोवर में जलक्रीडा कर रहे थे। उसी समय संयोग वश भगवान शिव का वीर्यस्खलन हो गया। उसी समय भगवान शिव ने अपने वीर्य को पत्ते पर रख दिया। उस वीर्य से पांच कन्याओं का जन्म हुआ। लेकिन ये कन्याएं मनुष्य रूप में न होकर नाग रूप में थीं। माता पार्वती को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी कि शिवलीला से पांच नाग कन्याओं का जन्म हुआ है। लेकिन भगवान शिव को सब पता था और वह उन कन्याओं से गणेश और कार्तिकेय की तरह स्नेह भी रखते थे। इसलिए वह हर सुबह जाकर सरोवर के पास पांच नाग कन्याओं से मिलते थे और उनके साथ खेलते थे। 
विज्ञापन


काफी समय तक ऐसा चलता रहा। बहुत समय बाद माता पार्वती को शक हुआ कि आखिर महादेव इतनी सुबह कहां चले जाते हैं। इसलिए उन्होंने तय किया कि वह इस रहस्य को जानकर रहेंगी। एक दिन जब भगवान शिव सरोवर के लिए सुबह निकले तब माता पार्वती भी उनके पीछे-पीछे सरोवर तक पहुंच गईं। माता पार्वती ने देखा कि महादेव पिता की तरह उन पांच नाग कन्याओं के साथ खेल रहे हैं। माता पार्वती को यह देखकर क्रोध आ गया और उन्होंने क्रोध के वशीभूत होकर पांच नाग कन्याओं को मारना चाहा। जैसे ही उन्होंने मारने के लिए पैर उठाया तभी भोलेनाथ ने उनको रोककर बताया कि ये पांचों नाग कन्याएं आपकी पुत्री हैं। महादेव की इस बात से माता पार्वती आश्चर्य से देखने लगीं। फिर शिवजी ने देवी पार्वती को नाग कन्याओं के जन्म की कथा बताई। शिवजी की कथा सुनकर माता पार्वती ने भी उन्हें अपनी पुत्रियों के रूप में स्वीकार कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


नाग कन्याओं के नाम
भगवान शिव की इन नाग कन्याओं का नाम जया, विषहर, शामिलबारी, देव और दोतलि है।

पूजा से मिलता है फल
भगवान शिव ने अपनी पुत्रियों के बारे में बताते हुए कहा कि जो भी सावन मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन इन नाग कन्याओं की पूजा करेगा, उनके परिवार को सर्पदंश का भय नहीं रहेगा। साथ ही इन देवियों की कृपा से घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती है एवं सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है। यही कारण है कि सावन कृष्ण पंचमी और सावन शुक्ल पंचमी के दिन इन पांच नाग कन्याओं की पूजा की जाती है। 

यह भी पढ़ें-

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed