Sawan 2021: सावन के महीने में हरा पोशाक क्यों पहनना चहिए, जानें कारण
सावन में हरे रंग के कपड़े या चूड़ियां पहनने से भगवान शिव और मां पार्वती प्रसन्न होते हैं। सावन में पड़ने वाले त्योहारों पर विवाहित महिलाएं माता पार्वती को सुहाग का शृंगार भी अर्पित करती हैं, जिसमें हरे रंग की चूड़ियां अर्पित की जाती हैं। हरा रंग पति-पत्नी के बीच प्रेम को भी बढ़ाता है।
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सावन का पावन महीना 25 जुलाई से प्रारंभ हो गया है। भोलेनाथ का यह प्रिय माह होता है। इस महीने विधि-विधान से भोले बाबा की आराधना की जाती है। श्रावण मास में शिवजी का गंगाजल से अभिषेक करने से भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। वहीं दूसरी ओर सावन माह में चारों ओर मन लुभावन प्रकृति की अनुपम छटा बिखर जाती है। प्रकृति में चारों तरफ हरियाली हरियाली दिखाई देती है। जैसे प्रकृति में मानों हरी चादर ओढ़ ली हो। यानी सावन में हरे रंग का भी विशेष महत्व है। इस महीने हरियाली तीज भी धूम-धाम के साथ मनाई जाती है। इस महीने हरे रंग के वस्त्र पहने जाते हैं। इस दौरान बाजार में हरे रंग की चूड़ियों की मांग बढ़ जाती है। महिलाएं हरी साड़िया और चूड़ियां पहनती हैं। सावन माह में हरे रंग के वस्त्र क्यों पहने जाते हैं? इसके पीछे क्या कारण हो सकता है। आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह-
यूं तो सावन के महीने प्रकृति में बिखरी हरियाली की छटा को देखकर आखों को बहुत सुकून मिलता है। लेकिन हरे रंग के पीछे धार्मिक मान्यता भी है। ऐसा माना जाता है कि सावन में हरे रंग के कपड़े या चूड़ियां पहनने से भगवान शिव और मां पार्वती प्रसन्न होते हैं। सावन में पड़ने वाले त्योहारों पर विवाहित महिलाएं माता पार्वती को सुहाग का शृंगार भी अर्पित करती हैं, जिसमें हरे रंग की चूड़ियां अर्पित की जाती हैं। हरा रंग पति-पत्नी के बीच प्रेम को भी बढ़ाता है।
सावन में हरे रंग को सौन्दर्य और सुहाग का प्रतीक भी माना गया है। इसलिए सावन में पड़ने वाले व्रत त्योहारों में हरे रंग के कपड़े व हरी चूड़ियां पहनने की परंपरा है। इस महीने हरियाली तीज, हरियाली अमावस्या जैसे त्योहारों में हरे रंग को धारण किया जाता है।
वहीं ज्योतिष विज्ञान में बुध ग्रह हरे रंग का प्रतिनिधित्व करता है। हरे रंग को धारण करने से कुंडली में बुध ग्रह की स्थिति मजबूत होती है और जिस व्यक्ति की कुंडली में बुध देव मजबूत होते हैं। ऐसा जातक संवाद कौशल में धनी और कुशाग्र बुद्धि का होता है।