ईशा आउटरीच को साल 2018 के लिए 'विकास के लिए खेल' श्रेणी के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार, ईशा के ग्रामीण कायाकल्प प्रोजेक्ट को प्रदान किया गया है, जो हर साल तमिलनाडु में वार्षिक ग्रामोत्सवम खेल उत्सव आयोजित करता है।
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उत्सव के जरिए किया खेल का विकास
ईशा ग्रामोत्सवम पारंपरिक और आधुनिक खेल और साथ ही ग्रामीण जीवन-शैली का वार्षिक उत्सव है। इसे ग्रामीण समुदायों में स्वस्थ मनोरंजन प्रदान करने के अलावा मानसिक और शारीरिक कल्याण में सुधार के लिए तथा खेल को दैनिक जीवन का एक हिस्सा बनाने के लिए शुरू किया गया था। ग्रामोत्सवम में पुरुष, महिलाएं और बच्चे 13 से अधिक खेलों में हिस्सा लेते हैं जिनमें ट्रैक और फील्ड इवेंट्स, वॉलीबॉल, थ्रोबॉल और ग्रामीण खेल जैसे सेलंबू अटम, एक प्राचीन मार्शल आर्ट और रेकल रेस, एक बैल गाड़ी दौड़ भी शामिल है। पूरे सप्ताह चलने वाले इस त्योहार में पारंपरिक कला, शिल्प, भोजन, और तमिलनाडु के लोक संगीत और नृत्यों की भी प्रस्तुतियां होती हैं। ग्रामोत्सवम समारोह के खेलों में 12 वर्ष से लेकर 75 वर्ष के प्रतिभागी एक साथ भाग लेते हैं।
खेल के जरिए तोड़ी धर्म और जाति की दीवार
880 टीमों के 10,300 से अधिक लोगों ने 2017 में आयोजित ग्रामोत्सवम में भाग लिया था, जो कि तमिलनाडु के सबसे लोकप्रिय वार्षिक खेल आयोजनों में से एक बन गया है। इस कार्यक्रम ने सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा दिया है और तमिलनाडु में आयु, धर्म, जाति और लिंग की सीमाओं को तोड़ दिया है। हर साल 30,000 से ज्यादा लोग इन खेलों को देखने आते हैं।
पुरुषों संग महिला टीमें भी लेती हैं हिस्सा
ईशा आउटरीच ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम जिले की 26 ग्राम पंचायतों में भी सामुदायिक खेल पहल शुरू करने के लिए यूनिसेफ के साथ भागीदारी की है। नवंबर 2017 में आयोजित विशाखापट्टनम के पहले ग्रामोत्सवम में 400 से अधिक महिलाओं और 500 से अधिक पुरुषों के साथ लगभग 150 टीमों ने हिस्सा लिया।
खेल संग संपूर्ण विकास के लिए समर्पित है संगठन
ईशा आउटरीच ईशा फाउंडेशन की सामाजिक विकास शाखा है, जो मानव और समुदाय पुनरुत्थान के लिए चल रही ईशा की गतिविधियों के प्रभाव को बढ़ाती है। इस पहल के केंद्र हजारों स्वयंसेवकों की टीम है, जो शहरी और ग्रामीण भारत के सुविधाओं से वंचित लोगों तक स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरणीय कल्याण सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रेरित है। ईशा आउटरीच के तीन प्रमुख विकास प्रोजेक्ट हैं: ईशा विद्या - जो ग्रामीण बच्चों को बहुत रचनात्मक अंग्रेजी और कंप्यूटर शिक्षा प्रदान करती है; ग्रामीण कायाकल्प प्रोजेक्ट - जो गांव के समुदायों में सम्पूर्ण स्वास्थ्य देखभाल और रूपांतरण करने वाले कार्यक्रम भेंट करता है; और प्रोजेक्ट ग्रीनहैंड्स - जो बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और पेड़ों पर आधारित खेती के माध्यम से पर्यावरण को नवीनीकरण और संरक्षण प्रदान करता है। पिछले पांच वर्षों में, ईशा के कार्यक्रम तमिलनाडु के 33 जिलों और कर्नाटक, पांडिचेरी और केरल के कुछ हिस्सों में 4,600 से अधिक गांवों तक और 70 लाख लोगों तक पहुंचे हैं।