रमजान 2017ः एक गलती से भी टूट जाता है रोजा, जानें इससे जुड़े सख्त नियम
रमजान महीने के दौरान एक महीने तक रोजे रखे जाते हैं। नए चांद के साथ शुरू हुआ ये पवित्र 29 या 30 दिन नए चांद के साथ ही खत्म होते है और जिस दिन रमजान का महीना खत्म होता है उसके अगले दिन ईद उल फितर मनाई जाती है। वैसे रोजे रखना आसान नहीं होता। इसके लिए सख्त नियमों का पालन किया जाता है और एक छोटी सी गलती से भी रोला टूट जाता है।
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- रोजे रखने के दौरान खाना के बारे में भी नहीं सोचा जाता।
- बदनामी करना, लालच करना, झूठ बोलना, पीठ पीछे बुराई करना और झूठी कसम खाने से रोजा टूट जाता है।
- रोजे रखने वाले मुसलमान सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त के दौरान कुछ भी नहीं खाते।
- सूरज निकलने से पहले सहरी की जाती है, मतलब सूरज निकलने से पहले ही खाना पीना किया जा सकता है।
- रोजदार सहरी के बाद सूर्यास्त तक कुछ नहीं खाते और सूरज अस्त होने के बाद इफ्तार करते हैं। इफ्तार में रोजा खोला जाता है।
- रमजान के पवित्र माह में पांच बार की नमाज और कुरान पढ़ी जाती है।