तब देवी सीता ने हनुमान जी की पीठ पर यह क्या किया?
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भगवान राम के परम भक्त हनुमान जी रुद्रावतार माने जाते हैं। इस बात की जानकारी देवी सीता को नहीं थी। लेकिन एक बार ऐसी घटना हुई जिससे सीता जी को पता चल गया कि हनुमान जी असल में सामान्य वानर नहीं बल्कि भगवान शिव के रूद्रावतार हैं।
यह क्या हो गया हनुमान जी को
इस संदर्भ में कथा यह है कि एक बार देवी सीता भोजन बना रही थी। सीता ने हनुमान जी से भी भोजन करने का आग्रह किया। देवी सीता के हाथों से बने स्वादिष्ट भोजन को खाने के बाद तो हनुमान जी ऐसे मगन हुए कि जितना भोजन करते उनकी भूख और बढ़ जाती।
क्या लिखा देवी सीता ने हनुमान जी की पीठ पर
ऐसे में देवी सीता को समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या उपाय किया जाए कि हनुमान जी संतुष्ट हो जाएं। ऐसे में देवी सीता को एक उपाय सूझा। देवी सीता ने हनुमान जी की पीठ पर 'ओम नमः शिवाय' लिख दिया।
पता चल गया हनुमान जी का राज
सीता के ऐसा करते ही हनुमान जी को अपने वास्तविक स्वरूप का ध्यान आ गया और वह संतुष्ट हो गए। देवी सीता भी समझ गई की हनुमान कोई वानर नहीं बल्कि रुद्रावतार हैं।