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क्या व्रत रखने से पूरी होती है हर मनोकामनाएं, जानिए प्रेमानंद महाराज ने क्या कहा ?

Sun, 19 Jan 2025 01:32 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Sun, 19 Jan 2025 01:32 PM IST
सार

उपवास रखने का एक उद्देश्य आध्यात्मिकता की तरफ जाने का होता है। व्रत करना बहुत ही कठिन होता है, जिसमें व्यक्ति धीरे-धीरे अन्न और जल का त्यागकर कठिन क्रिया को अपनाता है और अपने आध्यात्मिक लक्ष्यों की प्राप्ति करता है।

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premanand maharaj give answered by fasting desires are fulfilled or not
व्रत के नियम - फोटो : freepik

विस्तार

हिंदू धर्म में व्रत रखना भगवान के प्रति श्रद्धा और आस्था भाव दिखाने का प्रमुख माध्यम है। हर एक त्योहार पर व्रत रखने और इनके नियमों का पालन करने का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत रखने से जहां मन की शुद्धि होती है तो वहीं व्रत करने वाले व्यक्ति को भगवान का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानते हैं हिंदू धर्म में क्यों रखा जाता है व्रत और इसका महत्व।
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व्रत रखने का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रमुख अवसरों पर व्रत रखने से व्यक्ति के दैहिक, मानसिक और आत्मिक ताप में कमी आती है और बुरे ग्रह-नक्षत्रों का बुरा प्रभाव दूर होता है। सनातन धर्म में व्रत रखने और इसके नियमों का पालन करने से व्यक्ति के संकल्प शक्ति को विकसित करना मुख्य उद्देश्य होता है। व्रत रखने से व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक दृढ़ता में बढ़ोतरी होती है। 
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्यक्ति अपनी आस्था और भक्ति भाव से अलग-अलग देवी-देवताओं की पूजा आराधना करते हैं और उनके लिए समर्पित वार या त्योहार पर उनके लिए व्रत रखते हैं। इसमें व्रती पूरे दिन बिना कुछ खाए व्रत के नियमों का पालन करते हुए धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। ऐसी मान्यता है कि व्रत रखने से देवी-देवता बहुत ही प्रसन्न होते हैं और जीवन में आने वाली सभी तरह के परेशानियों से मुक्ति दिलाते हैं। 
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वहीं दूसरी तरफ व्रत या उपवास रखने का एक उद्देश्य आध्यात्मिकता की तरफ जाने का होता है। व्रत करना बहुत ही कठिन होता है, जिसमें व्यक्ति धीरे-धीरे अन्न और जल का त्यागकर कठिन क्रिया को अपनाता है और अपने आध्यात्मिक लक्ष्यों की प्राप्ति करता है। इसके अलावा व्रत रखने का जितना महत्व धार्मिक होता है उतना ही वैज्ञानिक होता है। व्रत रखने से व्यक्ति की सेहत में सुधार आता है। जब व्यक्ति व्रत करता है तो दिनभर या कुछ नहीं खाता है या फिर अल्पाहार पर पूरा दिन व्यातीत करता है। विज्ञान के अनुसार व्रत रखने से व्यक्ति का पाचन तंत्र ठीक रहता है। इससे शरीर में मोटापा को नियंत्रित करने में आसानी होती है। 


गुरु प्रेमानंद ने बताया व्रत रखने के फायदे
क्या व्रत रखने से मनोकामनाएं पूरी होती है? वृंदावन के जाने माने और राधारानी के भक्त गुरु प्रेमानंद व्रत रखने और इससे होने वाले लाभ के बारे में भक्तों को जानकारी देते हुए कहते हैं कि व्रत रखने हर मनोकामनाएं जरूर पूरी होती है। दरअसर इस समय सोशल मीडिया पर गुरु प्रेमानंद का एक वीडियो सामने आया जिसमे वह बता रहे हैं कि व्रत रखने से क्या मनुष्य की इच्छाएं पूरी होती कि नहीं। प्रेमानंद गुरु के अनुसार व्रत रखने से व्यक्ति की मनोकामनाएं पूरी होती है। उन्होंने कहा कि वामन भगवान भी व्रत के ताप से ही प्रगट हुए थे। इसलिए व्रत रखने से हर एक इच्छा पूरी होती है। उनका कहना है कि व्रत रख कर कुछ भी प्राप्त किया जा सकता है। शास्त्रों के अनुसार एकादशी का व्रत बहुत ही खास होता है क्योंकि जो व्यक्ति एकादशी का व्रत रखता है उसके मनोकामनाएं जरूर पूरी होती हैं। उनका कहना है कि अगर व्रत नियम के अनुसार किया जाए तभी हर इच्छा पूरी होती है। वहीं वह आगे बताते हैं अगर व्रत रखते हुए मन में भगवान के नामों का जाप किया जाय तो व्रत के दौरान होने वाली हर एक भूल को भगवान माफ कर देते हैं। इसके अलावा व्रत या अनुष्ठान के दौरान कुछ मिनटों तक प्रभु का कीर्तन किया जाया तो व्रत का पूरा फल मिलता है। 

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