फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   padma ekadashi parivartani

बड़ी खास है यह एकादशी, देवी-देवता भी करेंगे व्रत

Thu, 04 Sep 2014 03:42 PM IST
Updated Thu, 04 Sep 2014 03:42 PM IST
विज्ञापन
padma ekadashi parivartani

भगवान विष्णु 9 जुलाई देवशयनी एकाशी के दिन से योगनिद्रा में शयन कर रहे हैं। 3 नवंबर को देवप्रबोधनी एकादशी के दिन भगवान जगेंगे। इस बीच 5 सितंबर को पद्मा एकादशी जिसे परिवर्तनी एकादशी भी कहते हैं इस दिन भगवान विष्णु करवट बदलेंगे।

विज्ञापन


इसलिए चतुर्मास की यह बड़ी ही खास मानी जाती है। यह एकादशी हर साल भाद्र मास में शुक्ल पक्ष को आती है। इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु सहित देवी लक्ष्मी की पूजा करने से इस जीवन में धन और सुख की प्राप्ति तो होती ही है। परलोक में भी इस एकादशी के पुण्य से उत्तम स्थान मिलता है।
विज्ञापन


इस एकादशी के महत्व के बारे मे पुराणों में उल्लेख मिलता है कि भगवान विष्णु की प्रसन्नता के लिए इस दिन स्वर्ग के देवी-देवता भी व्रत रखते हैं। पद्म पुराण में भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि इस एकादशी के दिन विष्णु के वामन रूप की पूजा करनी चाहिए। क्योंकि भगवान इन चार महीनों में वामन रूप में पाताल में निवास करते हैं। इसलिए विष्णु, लक्ष्मी सहित इसदिन वामन भगवान की भी पूजा करनी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस व्रत का पुण्य भी जान लीजिए

padma ekadashi parivartani

पुरणों में बताया गया है कि राजा बलि से जब भगवान विष्णु ने तीन पग में उनका सबकुछ ले लिया तब राजा बलि ने वामन रुप में भगवान विष्णु को पहचान लिया और उनसे वरदान मांगा कि आप भले ही मुझ से मेरा सब कुछ लीजिए लेकिन मेरे साथ पातल में चलकर निवास कीजिए।

इसके बाद भगवपन विष्णु बलि के साथ पाताल में रहने चले गए। इसके बाद देवी लक्ष्मी ने भगवान विष्णु को पाताल से मुक्त करवाया। इसके बाद से भगवान विष्णु अपने वचन के अनुसार हर वर्ष चतुर्मास में पाताल में वामन रुप में निवास करते हैं

पुराणों में उल्लेख किया गया है कि जो भी व्यक्ति परिवर्तनी एकादशी के दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु सहित लक्ष्मी और वामन भगवान की पूजा करते हैं उन्हें वाजपेय यज्ञ का फल प्राप्त होता है। इस पुण्य के फल से व्यक्ति को मृत्यु के बाद प्राप्त होने वाले कष्ट को नहीं भोगना पड़ता है।

मनोकामना पूर्ति के लिए करें यह काम

padma ekadashi parivartani

भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि जो व्यक्ति पद्मा एकादशी के दिन उनके वामन अवतार की पूजा करता है वह एक साथ ब्रह्मा, विष्णु एवं शिव की पूजा का फल प्राप्त कर लेते हैं।

ऐसा व्यक्ति पृथ्वी लोक में यश और सम्मान प्राप्त करता है तथा मृत्यु के बाद स्वर्ग लोक में स्थान प्राप्त करके चन्द्रमा के समान चमकता है। पद्मा एकादशी के दिन जो भक्त कमल से वामन भगवान की पूजा करता है उसकी सभी मनोकामना पूरी होती है।

पद्मा एकादशी के विषय में शास्त्र कहता है कि इस दिन चावल, दही एवं चांदी का दान करना उत्तम फलदायी होता है। जो लोग किसी कारणवश पद्मा एकादशी का व्रत नहीं कर पाते हैं उन्हें पद्मा एकादशी के दिन भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों की कथा का पाठ करना चाहिए। विष्णु सहस्रनाम एवं रामायण का पाठ करना भी इस दिन उत्तम फलदायी होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed