फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Osho birthday 11 december special story of osho

ओशो जन्मदिन विशेष: जानें कौन थे ओशो, जिनसे डर गया था विश्वशक्ति अमेरिका

Wed, 11 Dec 2019 01:40 PM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: रुस्तम राणा Updated Wed, 11 Dec 2019 01:40 PM IST
विज्ञापन
Osho birthday 11 december special story of osho
osho

अपने आध्यात्मिक विचारों से क्रांति लाने वाले ओशो का जन्म 11 दिसंबर, 1931 को मध्य प्रदेश के कुचवाड़ा में हुआ था। बचपन में ओशो का नाम चंद्रमोहन था। ओशो ने अपनी शिक्षा जबलपुर में पूरी की और बाद में वे जबलपुर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर भी रहे। आगे चलकर उन्होंने अपनी नौकरी को त्याग दिया और संन्यासी जीवन की ओर बढ़ चले। साल 1990 में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कहा।

विज्ञापन

Osho birthday 11 december special story of osho
osho

जब ओशो से घबराया अमेरिका
उन्होंने देश-विदेश में धर्म और अध्यात्म के विषय में कई प्रवचन दिए। जब वे अमेरिका में गए तो उनका ये प्रवास विवादों में रहा। उन्होंने अमेरिका के ओरेगॉन में अपना एक आश्रम बनाया था। यहां उनके शिष्यों की संख्या काफी तेजी से बढ़ने लगी। कहते हैं ओशो ने यहां आश्रम के लिए करीब 64 हज़ार एकड़ जमीन खरीद ली थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

Osho birthday 11 december special story of osho
ओशो जन्मदिन विशेष

अमेरिकी जेल में बिताया समय
उनके शिष्यों ने इस जगह का नाम रजनीशपुरम रखा दिया। लेकिन स्थानीय लोगों और सरकार के विरोध के कारण जगह का नाम रजिस्टर्ड नहीं हो सका। बाद में अमेरिकी सरकार ने उनपर अप्रवास नियमों का उल्लंघन करने के मामले में कई केस दर्ज किए। इस बीच उन्हें जेल भी जाना पड़ा। कहा जाता है कि इसी दौरान उन्हें जेल में अधिकारियों ने थेलियम नामक धीरे असर वाला जहर दे दिया था। इसके बाद ओशो अमेरिका छोड़कर भारत लौट आए और पूना के आश्रम में रहने लगे। यहीं उन्होंने अंतिम सांस लीं।

विज्ञापन

Osho birthday 11 december special story of osho
ओशो जन्मदिन विशेष
ओशो के विचार

"केवल वो लोग जो कुछ भी नहीं बनने के लिए तैयार हैं प्रेम कर सकते हैं।"

"यहां कोई भी आपका सपना पूरा करने के लिए नहीं है। हर कोई अपनी तकदीर और अपनी हकीकत बनाने में लगा है।"

"अगर आप सच देखना चाहते हैं तो ना सहमती में और ना असहमति में राय रखिए।"

"कोई चुनाव मत करिए, जीवन को ऐसे अपनाइए जैसे वो अपनी समग्रता में है।"

"जब प्यार और नफरत दोनों ही ना हो तो हर चीज साफ और स्पष्ट हो जाती है।"

"जीवन ठहराव और गति के बीच का संतुलन है।"

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed