फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   oil for shani shanti

क्या, कलियुग में तेल चढ़ाने से शनि महाराज होते हैं नाराज?

Sat, 21 Feb 2015 03:08 PM IST
Updated Sat, 21 Feb 2015 03:08 PM IST
विज्ञापन
oil for shani shanti

हर शनिवार और शनि अमावस्या के दिन हर छोटे बड़े मंदिरों में लोग शनि महाराज को सरसों का तेल चढ़ाते हुए दिख जाएंगे। संभव है कि आपने भी कभी न कभी शनि महाराज को सरसों का तेल चढ़ाया होगा।

विज्ञापन


शनि को तेल चढ़ाने के पीछे कथा यह है कि हनुमान जी ने शनि का अभिमान दूर करने के लिए उन्हें अपनी पूंछ में लपेटकर दौड़ना शुरु कर दिया।

इससे शनि का शरीर लहूलुहान हो गया। कहते हैं कि शनि अर्पित करने से शनि का कष्ट दूर होता है और तेल चढ़ाने वाले को शनि अपनी दशा में सताते नहीं हैं।

लेकिन एक मंदिर ऐसा हैं जहां कलियुग में शनि को तेल चढ़ाने की मनाही की गई है।

तब तक सताएंगे शनि

oil for shani shanti

मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में एक मंदिर है। इस मंदिर में कई देवी-देवताओं के साथ महाभारत और रामयाण काल के असुरों की भी मूर्तियां है।

इस मंदिर में एक बोर्ड पर शनि महाराज का संदेश लिखा हुआ है 'हे कलियुग वासियो तुम मुझ पर तेल चढ़ाना छोड़ दो तो मैं तुम्हारा पीछा छोड़ दूंगा'

यानी कलियुग में जब तक शनि महाराज को तेल अर्पित करते रहेंगे तब तक शनि महाराज आपको सताना छोड़ेंगे नहीं। यहां शनि के प्रभाव से बचने का एक बहुत ही आसान तरीका बताया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

शनि के प्रभाव से मुक्ति का आसान तरीका

oil for shani shanti

इस मंदिर के नियम के अनुसार श्रद्घालु को इस शर्त पर मंदिर में प्रवेश की इजाजत दी जाती है कि आप 108 बार राम नाम लिखेंगे।

नेता हों या आम जनता। जो भी इस मंदिर में प्रवेश करता है उसे इस नियम का पालन करना होता है। बिना राम नाम लिखे कोई भी मंदिर से बाहर नहीं आ सकता।

मंदिर में शनि के संदेश में लिखा है कि '108 बार राम नाम लिखना शुरू कर दो तो मैं तुमको सारी विपत्तियों से मुक्त कर दूंगा।'

तुलसीदास जी ने भी लिखा है 'कलियुग केवल नाम अधारा सुमिरि सुमिरि नर उतरहिं पारा'। यानी कलियुग में राम नाम ही केवल मुक्ति का आधार है।

विज्ञापन

मंदिर में हैरान करती है यह बात

oil for shani shanti

इस मंदिर की एक और बड़ी खूबी है। यहां भगवान राम और हनुमान जी तो पूजे ही जाते हैं लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि इस मंदिर में रावण, कुंभकरण, मेघनाद और विभिषण की भी पूजा होती है।

मंदिर में रामायाण के अन्य पात्र त्रिजटा, शबरी, कैकयी, मन्थरा और सूर्पणखा की भी मूर्ति है। भगवान के साथ लोग इनकी भी पूजा करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed