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Nirjala Ekadashi 2023: निर्जला एकादशी आज, जानिए शुभ फल के लिए इस दिन क्या करें और क्या नहीं

Wed, 31 May 2023 09:51 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Wed, 31 May 2023 09:51 AM IST
सार

Nirjala Ekadashi 2023 Date: निर्जला एकादशी को सभी 24 एकादशियों में सबसे अधिक शुभ व पुण्यकारी बताया गया है। मान्यता है कि अकेले निर्जला एकादशी व्रत को रखने से सभी एकादशी व्रतों के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है। 

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Nirjala Ekadashi 2023 Do's And Don'ts In Nirjala Ekadashi Vrat
निर्जला एकादशी व्रत वाले दिन शुभ फल के लिए क्या करें और क्या नहीं - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Nirjala Ekadashi 2023 Date: प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी व्रत रखा जाता है। इस बार निर्जला एकादशी का व्रत 31 मई को रखा जाएगा। पंचांग के अनुसार इस बार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 30 मई, दिन मंगलवार को दोपहर 01 बजकर 07 मिनट से शुरू हो रही है। ये तिथि अगले दिन 31 मई दिन बुधवार को दोपहर 01 बजकर 45 पर समाप्त होगी। उदया तिथि को देखते हुए निर्जला एकादशी 31 मई 2023 को मनाई जाएगी। शास्त्रों में निर्जला एकादशी को सभी 24 एकादशियों में सबसे अधिक शुभ व पुण्यकारी बताया गया है। मान्यता है कि अकेले निर्जला एकादशी व्रत को रखने से सभी एकादशी व्रतों के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है। इस व्रत में पानी भी पीना वर्जित माना जाता है, इसलिए इसे निर्जला एकादशी कहा जाता है। निर्जला एकादशी के दिन व्रत का शुभ फल पाने के लिए जातकों को कुछ बातों का भी ध्यान रखना चाहिए। ऐसे में आइए जानते हैं कि निर्जला एकादशी व्रत वाले दिन क्या करें और क्या न करें... 
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निर्जला एकादशी पर क्या करें और क्या नहीं 
  • निर्जला एकादशी व्रत को सबसे कठिन माना जाता है। इस समय गर्मी अधिक होती है और इस एकादशी व्रत में जल का एक बूंद भी ग्रहण करना वर्जित है। इसलिए आपको मानसिक तौर पर स्वयं को मजबूत रखना होगा। निर्जला एकादशी व्रत के एक दिन पूर्व से मांस, मदिरा और तामसिक भोज्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए। वहीं दशमी के दिन व्रत का पारण करने के बाद भी सात्विक भोजन ही करें। 
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  • निर्जला एकादशी व्रत के दौरान आत्म संयम और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। इस दिन दान-पुण्य का भी बहुत महत्व होता है। व्रत वाले दिन जल से भरा हुआ कलश दान करें और प्यासे लोगों को पानी पिलाएं। 
  • निर्जला एकादशी वाले दिन अपने घर की छत या खुले में किसी पेड़ के नीचे पशु-पक्षियों के लिए पानी और दाना की व्यवस्था जरूर करें। इससे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होगी।  
  • निर्जला एकादशी वाले दिन घर में झाड़ू न लगाएं। ऐसा करने से छोटे जीव जैसे कीट, पतंग, चींटी आदि मर सकते हैं, इससे जीव हत्या का दोष लग सकता है। 
  • निर्जला एकादशी के दिन यदि किसी ने व्रत नहीं भी रखा है तब भी उसे इस दिन चावल नहीं खाना चाहिए। चावल के अलावा इस दिन बैंगन, गाजर, शलजम आदि का सेवन करना वर्जित है।  
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