अब 14 जनवरी को नहीं मनाई जाएगी मकर संक्रांति!
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मकर संक्रांति का त्योहार आमतौर पर हर साल 14 जनवरी को मनाया जाता रहा है। लेकिन साल 2015 का पंचांग इस गणित को बदल रहा है और यह त्योहार इस साल 15 जनवरी को मनाया जाएगा।
पंडित जयगोविंद शास्त्री बताते हैं कि माघ मास में सूर्य जब शनि कि राशि मकर में प्रवेश करता है तो मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है। इसलिए यह सूर्य की गति पर निर्भर करता है कि मकर संक्रांति कब मनाई जाएगी।
इस वर्ष सूर्य 14 जनवरी की शाम में 7 बजकर 29 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश कर रहा है। शास्त्रीय मत के अनुसार पुण्यकाल दिन में माना जाता है इसलिए यह त्योहार 15 जनवरी को मनाया जाएगा। मकर संक्रांति का दान पुण्य भी 15 जनवरी को ही किया जाना फलदायी होगा।
इससे पहले साल 2012 में भी सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी की रात में हुआ था इसलिए मकर संक्रांति का त्योहार 15 जनवरी को मनाया गया था।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार सूर्य की गति हर साल 20 सेकेंड बढ़ रही है। इस कारण से आने वाले सालों में मकर संक्रांति का त्योहार 15 जनवरी को मनाया जाने लगेगा।
जब फरवरी में मनाएंगे मकर संक्रांति
आपको इस बात से थोड़ी हैरानी हो सकती है लेकिन यह सच है कि सूर्य की बढ़ती गति के कारण मकर संक्रांति का त्योहार फरवरी महीने में मनाया जाने लगेगा।
इसका एक बड़ा कारण यह है कि सूर्य की गति हर साल 20 सेकेंड बढ़ रही है। इस हिसाब से करीब पांच हजार साल बाद मकर संक्रांति का त्योहार फरवरी महीने में मनाया जाने लगेगा।
क्योंकि ज्योतिषीय गणना बताती है कि 1556 से 1605 ई. के बीच अकबर के शासन काल में यह त्योहार 10 जनवरी को और शिवाजी के शासन में 11 जनवरी को मनाया गया था। मकर संक्रांति का इतिहास यह भी है कि करीब 1000 साल पहले यह 31 दिसंबर को भी मनाई जाती थी।